कोविड में नौकरी गई, ऑर्डर डिलिवर करने के लिए 3 किलोमीटर पैदल चला भूखा स्विगी एजेंट, ऐसे बदल गई किस्मत!

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हाइलाइट्स

कोविड पैनडेमिक के दौरान चली गई थी नौकरी.
स्विगी डिलिवरी एजेंट हफ्तेभर से भूखा था.
लिंक्डइन पर कहानी पोस्ट हुई तो झट से नौकरी मिल गई.

नई दिल्ली। एक इंजीनियर था. निंजा कार्ट और Byju’s जैसी कंपनियों में काम कर चुका था. पर कोविड पैनडेमिक आया, कंपनियों में छंटनी का दौर चला और उसकी नौकरी भी चली गई. इंजीनियर ने जॉब खोजने की बहुत कोशिश की पर कहीं बात नहीं बनी. पैसों की ज़रूरत तो थी ही, तो उसने स्विगी की डिलिवरी एजेंट का काम पकड़ लिया. इंजीनियर से स्विगी डिलिवरी पर्सन बने इस शख्स का नाम है साहिल सिंह. फाके में दिन बीत रहे थे कि एक दिन साहिल की कहानी दुनिया के सामने आई, कई लोगों ने मिलकर साहिल के लिए जॉब सर्च की और साहिल को अच्छी नौकरी मिल गई.

साहिल की कहानी तब सामने आई जब वो बेंगलुरु में रहने वाली प्रियांशी चंदेल को आइसक्रीम डिलिवर करने गए. उन्होंने प्रियांशी से नौकरी ढ़ूंढने में मदद मांगी और प्रियांशी ने उनकी कहानी लिंक्डइन पर साझा की, इस उम्मीद में कि साहिल को जॉब खोजने में मदद मिल जाएगी.

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क्या है साहिल की कहानी
प्रियांशी के लिंक्डइन पोस्ट के मुताबिक, साहिल उन्हें बताया, “मैम, मेरे पास स्कूटी या ट्रैवल करने का कोई साधन नहीं है. मैं आपका ऑर्डर लेकर तीन किलोमीटर पैदल चलकर आया हूं. मेरे पास बिल्कुल भी पैसे नहीं हैं, क्योंकि अपनी युलु बाइक चार्ज करने के लिए जो पैसे मैंने रके थे वो मेरा फ्लैटमेट लेकर चला गया. मेरे ऊपर 235 रुपये की उधारी है.”

साहिल ने आगे बताया, “आपको लग रहा होगा कि मैं झूठ बोल रहा हूं, पर मैं एक पढ़ा-लिखा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हूं. मैं निंजाकार्ट और BYJU’s में काम करता था. पर पैनडेमिक आया तो मैं जम्मू में अपने घर चला गया. इस डिलिवरी के लिए मुझे केवल 20-25 रुपये मिलेंगे और मुझे 12 बजे से पहले एक और डिलिवरी लेनी होगी नहीं तो ये लोग मुझे कहीं दूर की डिलिवरी दे देंगे. मेरे पास बाइक नहीं है, मैंने हफ्ते भर से कुछ खाया नहीं है. बस पानी और चाय पीकर रह रहा हूं.”

साहिल ने प्रियांशी से नौकरी खोजने के लिए मदद मांगी. साहिल ने बताया कि पहले वो महीने के 25 हजार रुपये कमा लेते थे. कहा कि उन्हें जॉब की सख्त ज़रूरत है, क्योंकि वो पैसों के लिए अपने पेरेंट्स पर निर्भर नहीं रह सकते है.

लिंक्डइन पोस्ट से बदल गई किस्मत
साहिल की कहानी प्रियांशी ने लिंक्डइन पर डाली. उन्होंने लिखा कि वो श्योर नहीं हैं कि साहिल की कहानी जेन्यूइन है कि नहीं, पर कोशिश तो की ही जा सकती है. उन्होंने अपने कनेक्शंस से रिक्वेस्ट की कि वो साहिल के लिए एक सूटेबल जॉब खोज दें.

बाद में प्रियांशी ने अपने इस पोस्ट में अपडेट शेयर किया कि साहिल को जॉब मिल गई है. प्रियांशी के इस पोस्ट पर 13 हजार से ज्यादा लोगों ने रिएक्ट किया है, वहीं 295 लोगों ने पोस्ट को रीपोस्ट किया है. इस अपडेट के बाद कई लोग प्रियांशी की तारीफ कर रहे हैं कि साहिल की कहानी दुनिया के सामने लाकर उन्होंने अच्छा किया. ‘अच्छे काम के लिए रुपये नहीं, बस अच्छी नीयत काफी है.’ इस तरह के कमेंट्स लोग प्रियांशी के लिए लिख रहे हैं.

Tags: Business news in hindi, Inspiring story, Jobs in Corona era, LinkedIn, Swiggy

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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