IIT कानपुर ने बनाया भारत का पहला DME इंजन, अब बिना डीजल फ़र्राटा भरेंगी गाड़ियां

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अखंड प्रताप सिंह/कानपुर. भारत के सबसे प्रतिष्ठिति तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शामिल आईआईटी कानपुर ने देश का पहला बिना डीजल से चलने वाला इंजन तैयार किया है. यह इंजन शत प्रतिशत डाई मिथाइल इथर से चलता है. यह पहला ऐसा इंजन है जो इस डीएमई फ्यूल से चलेगा. इसको बनाने वाले वैज्ञानिकों का दावा है कि इस की परफॉर्मेंस डीजल इंजन से भी बेहतर होगी. कूड़े के ढेर से भी यह फ्यूल तैयार किया जा सकेगा.

आईआईटी कानपुर में पिछले तीन वर्षों से डीएमई इंजन बनाने का काम चल रहा था. काफी मेहनत और अथक प्रयास के बाद आईआईटी कानपुर की रिसर्च लैब में यह इंजन तैयार किया गया है. इंजन की कई स्टेज में टेस्टिंग की गई है जहां यह सफल साबित हुआ है. इसके काफी अच्छे परिणाम आने के बाद इसे ट्रैक्टर में लगा कर भी उपयोग किया गया है. अब इसको प्रोडक्ट के रूप में तब्दील कर बाजार में लाने की तैयारी है.

प्रदूषण कम करने में मदद करेगा DME इंजन

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अविनाश अग्रवाल ने बताया कि आईआईटी कानपुर के द्वारा यह डाई मिथाइल इथर फ्यूल को मुंसिपल वेस्ट एग्रीकल्चर वर्क और हाइएस्ट कोल से सिंपल प्रोसेस कर के तैयार किया जा सकता है. यह पूरी तरह से इको फ्रेंडली है. इसके अलावा, इससे वाहन में जीरो प्रतिशत धुआं निकलता है जो वातावरण के लिए बेहद अच्छा है.

जिस प्रकार से लगातार पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है. उसको देखते हुए कहा जा सकता है कि किसानों के लिए यह डीएमई इंजन बहुत फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि किसान खेती के काम में सबसे अधिक ट्रैक्टरों का इस्तेमाल करते हैं. अब जबकि इंजन बिना डीजल के चल सकेंगे तो किसान न सिर्फ कम पैसों में खेती कर सकेंगे, बल्कि इससे प्रदूषण भी नहीं होगा जो पर्यावरण के लिए काफी अच्छा होगा.

प्रोफ़ेसर अविनाश ने बताया कि अभी इस इंजन को ट्रैक्टर के लिए विकसित किया गया है. यह किसानों के लिए काफी मददगार साबित होगा. आने वाले समय में कार और अन्य कमर्शियल वाहनों के लिए भी इसी इंजन का प्रयोग किया जाएगा.

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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 16:18 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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