नर्मदापुरम में रोजाना लाखों लीटर दूध का कारोबार, कई बड़ी कंपनियों में होती है सप्लाई

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दुर्गेश सिंह राजपूत/नर्मदापुरम. जिले में रोजाना लाखों लीटर दूध का कारोबार हो रहा है. जिले में ऐसा कोई प्लांट नहीं है, जहां इससे जुड़े उत्पाद बने. इसलिए जिले के नजदीक भोपाल होने के कारण रोजाना लाखों लीटर दूध भोपाल की बड़ी-बड़ी कंपनियों को सप्लाई किया जाता है. 1 लाख 12 हजार के करीब शहर नर्मदापुरम में दुधारू पशु हैं. शहर में ही लगभग दो से तीन दर्जन छोटी-बड़ी डेयरी संचालित हो रही हैं. यहां से घर, होटल के साथ दूध की सप्लाई बड़ी मात्रा में दुग्ध प्लांट में होती है. इसके साथ ही जिले के पशुपालन दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने वालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

नर्मदापुरम जिले में रोजाना लगभग 700000 लीटर के करीब दूध एकत्रित होता है. इसमें डेरी घरों में फुटकर सप्लाई के साथ भोपाल में सांची, अमूल, सौरभ जैसी बड़ी-बड़ी कंपनिया दूध को एकत्र करके ले जाती हैं. कृषि प्रधान जिले में किसान पशु डेयरी पालन कारोबार की सुविधाएं बढ़ाई जाएं तो प्रदेश में गेहूं की बंपर उत्पादन के साथ दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी हो सकती है. नर्मदापुरम में गोवंश और भैंस वंश लाकर दूध का कारोबार लोग यहां करते हैं.

उप पशु संचालक चिकित्सा डॉ. संजय अग्रवालने बताया कि नर्मदापुरम जिले से सर्वे के अनुसार, हमारे पास 3 लाख 42 हजार गोवंश हैं. जिसमें से 1 लाख 12 हजार भैस वंश है. अभी देखा जाए तो लगभग रोजाना 6 से 7 लाख लीटर दूध का प्रोडक्शन होता है. जिले में इसके साथ ही जो बड़े-बड़े होटल संचालक है उन्होंने अपने यहां दूध की सप्लाई के लिए लोग लगा रखे हैं. इसके साथ ही जो बड़ी प्राइवेट कंपनी है जैसे अमूल, 30 से 40 हजार लीटर दूध रोजाना बाबई क्षेत्र से उठता है.

सौरभ कंपनी भी उनके बंधे हुए किसानों से दूध लेती है. सांची कंपनी बड़ी मात्रा में जिले से दूध एकत्र कर लगभग 15 हजार लीटर सोहागपुर और किरतपुर में ठंडा करके भोपाल लेकर जाती है. वर्तमान में नर्मदापुरम जिले में दूध से बनने वाले प्रोडक्ट के लिए कोई बड़ी कंपनी नहीं है. डेयरी संचालकों ने बताया है कि पशु को पानी पिलाने के साथ ही सुबह शाम खली, भूसा स्थानीय स्तर पर खिलाते हैं. इसके साथ ही पशुओं को नहलाना, धुलाना और डेरी को पूरी तरह साफ सुथरा करके रखते हैं. पशुओं को देखभाल के लिए कुछ लोगों को काम पर रखा जाता है. जिससे वह उनकी देखभाल करना समय पर पानी पिलाना पशुओं को नहलाना एवं दूध निकालने का काम करते हैं.

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Author: Up Head Line

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