शराब इतनी भी खराब नहीं! रोज एक पैग पीने से हार्ट अटैक का खतरा होगा छूमंतर, स्टडी में बड़ा दावा

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नई दिल्ली. हम सभी जानते हैं कि शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है. लेकिन हाल ही में कई गई एक स्टडी से पता चला है कि कभी-कभार शराब का सेवन करने से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है, जिनमें प्रमुख तौर पर हार्ट अटैक है. स्टडी के दौरान पाया गया कि जो महिलाएं दिन में एक ड्रिंक व पुरुष दो ड्रिंक पीते हैं, उनमें कार्डियोवैस्कुलर यानी कि दिल के दौरे व हार्ट स्ट्रोक का जोखिम उन लोगों की तुलना में कम होता है, जो अधिक पीते हैं या फिर अभी सीख रहे हैं. स्टडी के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि शराब की नियमित कम मात्रा मस्तिष्क में तनाव को कम करती है, जो दिल के दौरे और स्ट्रोक से जुड़े होते हैं. 

ब्रैन मैपिंग में दिखा असर
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इसका मतलब है कि वे कैंसर, डायबिटीज और मोटापे जैसे प्रतिकूल प्रभावों के बिना शराब के सुरक्षात्मक हृदय प्रभावों को दोहराने के लिए इलाज विकसित करने में सक्षम होंगे. शोधकर्ताओं ने 754 लोगों के ब्रेन स्कैन का अध्ययन करने से पहले 50,000 से अधिक अमेरिकियों के डेटा का अध्ययन किया, जो मुख्य रूप से कैंसर की निगरानी के लिए लिए गए थे. इस दौरान मस्तिष्क इमेजिंग ने दिखाया कि जो लोग सामान्य रूप से पीते हैं, वे तनाव प्रतिक्रियाओं से जुड़े मस्तिष्क क्षेत्र यानी कि अमिगडाला में तनाव संकेत कम कर देते हैं.

हफ्ते में अधिक शराब का सेवन करने वालों में हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा
इसके अलावा जब शोधकर्ताओं ने इन व्यक्तियों के हृदय संबंधी घटनाओं के इतिहास को देखा, तो उन्होंने हल्के से मध्यम शराब पीने वालों में कम दिल के दौरे और स्ट्रोक पाए. मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल के एक हृदय रोग विशेषज्ञ और वरिष्ठ लेखक डॉ अहमद तवाकोल ने कहा, ‘हमने पाया कि हल्के से मध्यम शराब पीने वालों के मस्तिष्क में सुरक्षात्मक हृदय संबंधी प्रभावों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा समझाया गया है. वहीं जो लोग हफ्ते में 14 ड्रिंक्स पीते हैं उनमें हार्ट डिजिज का खतरा बढ़ जाता है और दिमाग की एक्टिविटी भी कम हो जाती है.

‘रिसर्च को शराब को हरी बत्ती देने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए’
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जर्नल में लिखते हुए, लेखकों ने निष्कर्ष निकाला है कि रिसर्च को मस्तिष्क की तनाव गतिविधि को कम करने वाले नए हस्तक्षेपों को खोजने पर ध्यान देना चाहिए. ग्लासगो विश्वविद्यालय में मेटाबोलिक मेडिसिन के प्रोफेसर नवीद सत्तार ने कहा कि इस रिसर्च को शराब के सेवन को हरी बत्ती देने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

Tags: Health News

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Author: Up Head Line

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