किस्मत ने दिया साथ नहीं तो जेल में पैदा होती ये एक्ट्रेस, मेहनत से पलटी कायनात, 5 दशक तक किया पर्दे पर राज

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आशा पारेख ने कुछ साल पहले अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘आशा पारेख: द हिट गर्ल’ भी पब्लिश की है. अपनी किताब के प्रमोशन के दौरान आशा पारेख ने अपनी जिंदगी के कई दिलचस्प किस्से भी सुनाये थे. आशा पारेख ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनकी किस्मत अच्छी थी, नहीं तो उनका जन्म जेल में होने वाला था. (फोटो साभार-Instagram@ashaparekh_ji)

आशा पारेख बताती हैं, ‘मेरी मां गुजराती थीं और पिता मुंबई में रहते थे. मेरी मां एक पढ़ी लिखी महिला थीं और भारतीय स्वतंत्रा संग्राम की सेनानी थीं. मेरी मां भारत में अंग्रेजों के शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहीं थीं. जब मैं पेट में थी तो एक आंदोलन के दौरान मेरी मां को जेल भेज दिया गया. हालांकि किस्मत अच्छी रही और वक्त का तकाजा बैठा और मेरी मां को रिहाई मिल गई.’ (फोटो साभार-Instagram@ashaparekh_ji) आशा पारेख ने अपने 40 साल के करियर में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया है. 2 अक्टूबर 1942 को मुंबई में जन्मी आशा जब 30 साल की थीं तो अपने करियर के पीक पर पहुंच गईं. अपने पिता प्राणलाल और मां सुधा पारेख की इकलौती संतान आशा को बचपन से ही क्लासिकल डांस की तालीम दी गई. आशा जैसे ही बड़ी हुईं तो उन्होंने स्टेज शो करने शुरू कर दिए. (फोटो साभार-Instagram@ashaparekh_ji) एक दिन आशा जब महज 15 साल की थीं तो एक स्टेज शो में नाच रहीं थीं. यहां मशहूर डायरेक्टर विमल रॉय भी मौजूद थे. विमल को यहीं पर आशा जम गईं और अपनी फिल्म ‘मां’ (1957) में कास्ट कर लिया. अपनी पहली ही फिल्म से आशा ने धूम मचा दी और फिर आशा के पास फिल्मों की लाइन लग गई. इससे पहले आशा कुछ फिल्मों में बतौर बाल कलाकार काम कर चुकी थीं. (फोटो साभार-Instagram@ashaparekh_ji) आशा पारेख की मां से शुरू हुई जर्नी देखते ही देखते आसमान छूने लगी. इसके बाद ‘दिल देके देखो’, ‘हम हिंदुस्तानी’, ‘घूंघट’, ‘छाया’ और ‘जब प्यार किसी से होता है’ जैसी कई शानदार फिल्में दीं. आशा पारेख की साल 1969 में आई फिल्म साजन, 1970 में कटी पतंग, 1966 में आई फिल्म दो बदन और 1975 में आई जख्मी जैसी फिल्में सदाबहार बन गईं. आशा पारेख अब एक्टिंग की दुनिया से दूर रहती हैं, लेकिन रियालिटी शोज में हिस्सा लेती रहती हैं. (फोटो साभार-Instagram@ashaparekh_ji)

 

 

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Author: Up Head Line

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