
राहुल दवे/इंदौर : ”बचपन से मेरा सपना था कि मैं एमपीपीएससी क्लीयर करूं, लेकिन 2016 में मेरी शादी हो गई. तब मैं टूट गई कि अब मेरा सपना कैसे पूरा होगा. फिर पति को जब इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने मुझे मोटिवेट किया. फिर क्या था मैंने भी ठान लिया और परिवार के साथ सपने को पूरा करने के लिए जुट गई”. यह कहना है इंदौर की सिम्मी यादव का, जिन्होंने पहले ही प्रयास में एमपीपीएससी परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल किया है.
सिम्मी यादव ने बताया कि परीक्षा में सफल होने के लिए उन्होंने नींद त्यागी, मोबाइल से दूरी बना ली. सोशल मीडिया छोड़ दिया. दिन में परिवार की ज़िम्मेदारी पूरी करती और रात में पढ़ाई करती. सेल्फ स्टडी पर ही फोकस किया. इस दौरान जब भी मन विचलित हुआ तो भजन सुने और पहले प्रयास में ही मुख्य परीक्षा पास कर ली. शुक्रवार को इंटरव्यू का परिणाम आया, जिसमें सफलता हाथ आई. अब पूरा परिवार खुश है.
पति का सपोर्ट बना संजीवनी
इंदौर के नरीमन सिटी में रहने वाली सिम्मी यादव ने पहले अटेम्प्ट में ही सफलता हासिल की. लेकिन इस सफलता के पीछे काफ़ी संघर्ष रहा. सिम्मी शादीशुदा हैं, एसे में घर गृहस्थी के साथ पढ़ाई करना उनके सामने बड़ा चैलेंज था. पिता राजेंद्र यादव नगर निगम कर्मचारी के नेता हैं तो उनके पति सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. सिम्मी ने बताया कि उन्होंने होलकर कॉलेज से एमएससी किया है. सिम्मी इस सफलता में पूरा श्रेय पति को देती हैं. उन्होंने बताया कि पति साथ नहीं देते तो यह सब असंभव था. क्योंकि उन्होंने ने ही मोटिवेट किया और परिवार और पढ़ाई दोनों में बैलेंस उन्हीं के सपोर्ट से हुआ. वहीं परिवार को भी श्रेय देते हुए कहा कि मां-बाप जन्म नहीं देते और अच्छे संस्कार के साथ पढ़ाते नहीं तो मैं परीक्षा ही कैसे दे पाती.
बताया सफलता का मंत्र
सिम्मी का कहना है कि पहली बार में ही सफलता ज़रूर हासिल कर ली, लेकिन इसके लिए मैं पहले से तैयार थी. क्योंकि एमपीपीएससी एक मैराथन है. इसके लिए पहले प्री फिर मेंस और बाद में इंटरव्यू क्लियर करना पड़ता है. प्री तो आप निकाल सकते हो, लेकिन मेंस के लिए आपको कई घंटे मेहनत करना पड़ती है. उसके लिए ज़रूरी है कि आपके पास शॉर्ट नोट्स हों. परीक्षा के 5 घंटे के लिए तो आपको क़रीब 14 से 18 घंटे तैयारी करना होती है, तब जाकर क्लियर होता है मेंस.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 22:44 IST








