गौशाला खोलने पर सरकार देगी 90 प्रतिशत अनुदान, इन पंचायतों में को मिलेगी प्राथमिकता

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रवि पायक/ भीलवाड़ा. गोपालकों को के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है यह खबर गाय को पालने वाले व्यक्ति के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होगी. गोशाला खोलने पर अब राजस्थान की सरकार 90 प्रतिशत अनुदान देगी. हर पालक को अनुदान तीन किस्त में दिया जाएगा. दस फीसदी राशि संस्था को वहन करनी होगी. अधिकतम एक करोड़ रुपए की राशि से काऊ शैड, चारा भंडार गृह, बाऊंड्री वॉल ग्रेवल रोड, इंटर लॉकिंग टाइल्स, प्रशासनिक भवन, चिकित्सा सुविधा, अंडरग्राउंड वाटर टैंक, ट्यूबवैल, पानी की खेली, चारा ठाण, पानी की निकासी, विद्युत संबंधी कार्य, गोपालक आवास और अन्य निर्माण कराए जा सकेंगे.

आपके शहर से (भीलवाड़ा)

बता दें कि राशि पशु आश्रय स्थल जनसहभागिता योजना के तहत दी जाएगी. इसमें जिन पंचायतों में गोशालाएं नहीं है वहां पंचायत गोशाला औऱ पशु आश्रय स्थल खोलने का प्रावधान किया है जिन पंचायतों में पहले से गोशाला या नंदीशाला नहीं है उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.अल्का गुप्ता ने बताया कि जिले में 52 गोशाला है. राज्य सरकार चरणबद्ध रूप से पशु आश्रय स्थल खोलेगी पंचायत और चयनित गैर सरकारी संस्था यानी एनजीओ इनका निर्माण व संचालन कर सकते हैं. इसके लिए संबंधित पंचायत व एनजीओ के पास पशु आश्रय स्थल के लिए 5 बीघा भूमि स्वयं अथवा लीज या 200 गोवंश की गोशाला आवश्यक है. 200 गोवंश की देखभाल का कार्य न्यूनतम 20 वर्ष करना होगा. जिन पंचायतों में पहले से गोशाला या नंदीशाला नहीं है उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.

संचालन करने वाली संस्था का चयन पारदर्शी प्रक्रिया से जिला गोपालन समिति के माध्यम से ऑफलाइन खुली निविदा जारी कर किया जाएगा. जिला गोपालन समिति का दायित्व पशु आश्रय स्थल स्थापित करने का रहेगा. इसमें कलक्टर अध्यक्ष आशीष मोदी एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अल्का गुप्ता सदस्य सचिव होंगे. पंचायत समिति स्तर पर निर्माण की गुणवत्ता की जांच, मूल्यांकन और मॉनिटरिंग के लिए समिति होगी. इसके अध्यक्ष उपखंड अधिकारी एवं सदस्य सचिव पशुपालन विभाग के उप निदेशक होंगे.

Tags: Hindi news, Local18, Rajasthan news

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें