
शाश्वत सिंह/झांसी/दतियाः मध्य प्रदेश के दतिया जिले की भांडेर तहसील में स्थित पंडोखर सरकार आज पूरे देश और दुनिया में आस्था के एक बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता है. देश के कोने-कोने से लोग यहां अपनी अर्जियां लेकर पहुंचते हैं. मान्यता है कि भूत प्रेत जैसी बाधाएं और अन्य तमाम समस्याओं का समाधान पंडोखर सरकार धाम में होता है. क्या आप जानते हैं कि पंडोखर सरकार की स्थापना कैसे हुई? इस धाम को और हनुमान जी की मूर्ति को यहां किसने स्थापित किया? क्या है इस धाम का पांडवों से कनेक्शन?
पंडोखर सरकार धाम के पुजारी शिवम तिवारी के मुताबिक, पुराणों में वर्णित है कि द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण के आदेश पर पांडवों द्वारा इस धाम को स्थापित किया गया था. धर्मराज युधिष्ठिर ने यहां हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की थी. इसके बाद ही पांडवों ने महाभारत के युद्ध में विजय हासिल की. इसके बाद कई शासक आए और गए, लेकिन यहां मूर्ति स्थापित रही और पंडोखर सरकार के प्रति लोगों की आस्था बढ़ती गई. लंबे समय बाद बरहाधाम से हाथीवान महाराज यहां आए और उन्होंने पंडोखर धाम की आराधना शुरू कर दी.
पूरे देश से दर्शन के लिए आते हैं लोग
पुजारी शिवम तिवारी के मुताबिक, इसके बाद पंडित गुरुशरण शर्मा ने यहां गद्दी संभाली. वह लोगों की अर्जियां सुनकर उनका समाधान करते हैं. बुंदेलखंड के साथ ही महाराष्ट्र और बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं. पंडोखर धाम में दर्शन करने पहुंचे एक व्यक्ति ने बताया कि टीवी पर पंडोखर सरकार की महिमा देखकर और चर्चाएं सुनकर वह यहां दर्शन करने पहुंचे हैं. वहीं, एक महिला ने बताया कि वह महाराष्ट्र के सोलापुर से अपने परिवार के साथ यहां दर्शन करने आई हैं.
.
FIRST PUBLISHED : June 09, 2023, 15:58 IST








