
सच्चिदानंद/पटना.रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल ट्रेन के जरीए एक शहर से दूसरे शहर में जाने के लिए किया जाता है. लेकिन पटना जंक्शन के प्लेटफार्म पर एक शिक्षा का मंदिर भी है, जहां गरीब परिवार के बच्चों को फ्री में पढ़ाया जाता है. रेलवे स्टेशन को शिक्षा का मंदिर बनाया है पटना में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं ने.
सोमवार से लेकर शनिवार तक रोज शाम के वक्त पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-एक पर आसपास के उन बच्चों की क्लास लगती है, जिनके माता-पिता बेहद गरीब हैं. किसी के पिता कचड़ा चुनते हैं तो किसी के ड्राइवर हैं, तो वहीं कई ऐसे भी बच्चे हैं जिनके माता- पिता इस दुनिया में नहीं हैं. ऐसे बच्चों को शिक्षित करने का जिम्मा पटना के युवाओं ने उठाया है.
शाम के वक्त लगती है क्लास
पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-01 पर सोमवार से लेकर शनिवार तक शाम के साढ़े चार से 06:30 बजे तक क्लास लगती है, जहां उन गरीब परिवार के बच्चे पढ़ने आते हैं जिनके पिता महंगे ट्यूशन सेंटर पर भेजने में आर्थिक रुप से सक्षम नहीं हैं. किसी के पिता कचड़ा चुनते हैं तो वहीं किसी के पिता ड्राईवर हैं. लेकिन बच्चों का जज्बा फौजी से लेकर इंजीनियर, डॉक्टर, डीएम, एसपी तक बनने की है.
रोज शाम को गायत्री परिवार से जुड़े युवा अलग- अलग समय में आते हैं और इन बच्चों को पढ़ाते है. फिलहाल इस प्लेटफॉर्म पर 100 से भी ज्यादा बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं. अलग-अलग सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे रोज शाम को स्टेशन पहुंच जाते हैं और पढ़ने के लिए बैठ जाते हैं.
गायत्री माता की पूजा से शुरू होती है क्लास
इन बच्चों को पढ़ाने वाले विकास बताते हैं कि यहां स्टेशन के आसपास रहने वाले वैसे बच्चों को पढ़ाया जाता है, जिन्हें लोग छूने से कतराते हैं.इनके मां-बाप दूसरे के घरों में काम करते हैं. रिक्शा चलाते हैं या ऐसे काम करते हैं जिससे इनके ट्यूशन या पढ़ाने का खर्च उठाने से सक्षम नहीं होते हैं.
करबिगहिया और चिरैयाटांड के आसपास बसे झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को रोज यहां लेकर आते हैं और फिर पढ़ाने के बाद वापस पहुंचा देते हैं. करीब 30 युव अपने-अपने खाली समय में आते हैं और इन बच्चों को पढ़ाते है. यह क्लास गर्मी में साढ़े चार से 06:30 तक चलती है, वहीं सर्दी के मौसम में तीन से लेकर 5 बजे तक चलती है.
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FIRST PUBLISHED : June 09, 2023, 14:41 IST








