
जयपुर. अब तक आपने राजस्थान रोडवेज की हड़ताल और प्रदर्शन के बारे में देखा और सुना होगा. इस बार निजी बस संचालकों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. प्रदेश में लगभग 3 हजार निजी बसों का बेड़ा है और पूरे राज्य के निजी बस ऑपरेटर्स ने बैठक कर 12 जून को प्रदर्शन करने का फैसला किया है. इनकी 14 सूत्री मांगें हैं जो पूरी नहीं होने पर ये चक्का जाम करेंगे. बस ऑपरेटर्स ने 12 जून को परिवहन कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है.
राजस्थान रोडवेज में इस समय लगभग 2800 बसें पूरे प्रदेश में यात्रियों को लाने ले जाने का काम कर रही है. इसके अलावा निजी बसों के बेड़े में 3 हजार बसें हैं जो रोडवेज की बसों के अलावा यात्रियों का सफर आसान कर रही है. इस बार रोडवेज की बजाय निजी बस संचालकों ने चक्का जाम करने की ठानी है और इनका कहना है कि अगर इनकी मांगे नहीं मानी गईं तो ये परिवहन मुख्यालय का घेराव करेंगे.
बस ऑपरेटर्स अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने बताया कि हमारी कुछ प्रमुख मांगे है जिन्हें पूरा किया जाना चाहिए अन्यथा हम सभी परिवहन मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे. इसमें पुराने रूट पर परमिट रिन्यू किए जाए, नए उपनगरीय मांर्ग खोले जाने, राष्ट्रीय मार्गों पर ओवरलैप की सीमा 25 की बजाय 40 किमी की जाने और टैक्स नीति में बदलाव किया जाए की बात की गई है.
बस ऑपरेटर्स की प्रमुख मांग
पुराने रूट पर परमिट रिन्यू किए जाए
नए उपनगरीय मांर्ग खोले जाए
राष्ट्रीय मार्गों पर ओवरलैप की सीमा 25 की बजाय 40 किमी की जाए
टैक्स नीति में बदलाव किया जाए
परिवहन मंत्री से मिलेंगे निजी बस ऑपरेटर्स
इसके अलावा और भी ऐसी मांगे है जिनको लेकर निजी बस ऑपरेटर्स परिवहन विभाग के चैयरमेन आनंद कुमार और ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से मुलाकात कर चुके है और केवल उनको अब तक आश्वासन मिला है. फिलहाल गेंद परिवहन मंत्री के पाले में है. ऑपरेटर्स जल्दी ही परिवहन मंत्री से मिलने वाले है और यदि परिवहन मंत्री कोई रास्ता निकाल देते है तो प्रदर्शन रद्द कर दिया जाएगा अन्यथा 12 जून को परिवहन मुख्यालय का घेराव किया जाएगा. अगर 12 जून को 3 हजार निजी बसों के चक्के जाम होते है तो प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है.








