
नई दिल्ली: वर्ष 2018 के एक हत्याकांड में सीपीआई (माओवादी) की संलिप्तता को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा झारखंड और बिहार की सात जगहों पर छापे की कार्रवाई की. यह जानकारी एनआईए के एक अधिकारी ने दी. मालूम हो कि सीपीआई (माओवादी) एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है.
नरेश सिंह भोक्ता की 2 नवंबर 2018 को पुलिस मुखबिर होने के शक के चलते नक्सलियों ने हत्या कर दी थी. एनआईए ने पिछले साल 24 जून को नरेश सिंह भोक्ता की हत्या मामले को बिहार पुलिस से अपने हाथ में लिया था. मामले में अब तक कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
एनआईए ने बिहार के गया और औरंगाबाद में छापेमारी की. इसके अलावा, केंद्रीय जांच एजेंसी ने झारखंड में भी कार्रवाई की. जांच एजेंसी ने पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में नक्सली राम प्रसाद यादव और अभिजीत यादव के घर पर छापा मारा.
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एनआईए के अधिकारी ने बताया कि एनआइए ने छापेमारी में पांच गिरफ्तार नक्सली कमांडरों और दो संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर्स और नक्सलियों के समर्थकों के आवासीय परिसरों की तलाशी ली. इस तलाशी में आरोपियों के घर से आपत्तिजनक दस्तावेजों के साथ मोबाइल फोन और सिम कार्ड सहित विभिन्न डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया है.
नक्सलियों ने नरेश सिंह भोक्ता की नृशंसता से हत्या कर दी थी. नक्सलियों को शक था कि नरेश सिंह भोक्ता पुलिस को उनकी खुफिया सूचना दे रहा है. नरेश सिंह भोक्ता की लाश औरंगाबाद के मदनपुर पुलिस स्टेशन के पास मिली थी. जिसके बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुटी थी.
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FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 17:13 IST








