
परमजीत कुमार/देवघर. हिन्दू धर्म में किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त या शुभ तिथि देखी जाती है. धार्मिक शास्त्र के अनुसार, हर महीने में पांच दिन का पंचक (Panchak June 2023) होता है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है. यह पांच दिन महीने के अशुभ दिन माने जाते हैं.
देवघर के बैद्यनाथ धाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने बताया कि हिंदू धर्म में जन्म से लेकर मृत्युपर्यंत मुहूर्तों का महत्व माना गया है. सभी माह पांच दिन पंचक रहता है. आषाढ़ माह का पंचक 9 जून की सुबह 9 बजकर 49 मिनट से शुरू हो रहा है. यह पांच दिन तक रहने वाला है. 13 जून को दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर पंचक की समाप्ति होगी.
क्यों लगता है पंचक?
पंडित नन्दकिशोर मुदगल के अनुसार, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद, रेवती और शतभिषा इन पांच नक्षत्रों में चंद्रमा के गोचर करने पर पंचक लगता है और यह पांचों नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं. इसके साथ ही चन्द्रमा एक साथ कुम्भ और मीन राशि में प्रवेश करता है, तो पंचक लगता है. नक्षत्रों की चाल के अनुसार, प्रत्येक 27 दिनों के बाद पंचक लगता हैं. मान्यता है कि इस दौरान कोई भी कार्य शुरू करने पर यह पूर्ण नहीं होता है.
पंचक के दौरान क्या न करें?
पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने बताया कि पंचक के दिनों में दक्षिण दिशा में यात्रा बिल्कुल नहीं करना चाहिए. दक्षिण दिशा को यम का दिशा माना गया है. इस दिशा में पंचक के दिनों में यात्रा करने से आपको हानि हो सकती है. पंचक के दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे घर बनाने की शुरुआत, घर की छत ढालना और चारपाई (खाट) नहीं बनाना चाहिए. यह सब करना पंचक के दौरान अशुभ माना गया है.
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FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 15:17 IST








