
नकुल कुमार/पूर्वी चम्पारण. पूर्वी चंपारण जिले के सूर्यपुर पंचायत स्थित धरमुंहा गांव के खोखन दास 2017 तक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे. लेकिन उससे मिलने वाले तनख्वाह से इनका भरण पोषण नहीं हो पा रहा था. इधर, बच्चे भी बड़े हो रहे थे. उन्हें सही मार्गदर्शन मिले, इसकी भी चिंता उन्हें सताए जा रही थी. आखिरकार जॉब छोड़कर घर लौट आए और सब्जी की खेती शुरू की. खोखन की माने तो जॉब से 20 से 25 हजार की कमाई होती थी. अब सब्जी की खेती से 50 हजार तक का इनकम करते हैं.
खोखन दास कहते हैं कि उन्होंने खेती किसानी का सफर नेनुआ (घिउडा) से शुरू किया. शुरू-शुरू में उन्होंने 10 कट्ठा के प्लॉट पर हाइब्रिड नेनुआ लगाया. उस समय नेनुआ का उत्पादन इतने वृहद पैमाने पर हुआ कि वह हार्वेस्टिंग करते-करते परेशान से हो गए थे. उन्होंने इस बार भी हाइब्रिड नेनुआ की खेती की है. जिससे एक-एक दिन पर एक क्विंटल तक का उत्पादन हो रहा है.
मार्च में लगाया था बीज
फलन की बात करें तो उन्होंने मार्च में खेत तैयार कर बीज लगाया था.पौधा बड़ा होने के बाद खाद, पानी एवं कीटनाशक देते रहे. पौधा बढ़ने पर समय के अनुसार बांस लगाना और जाल बुनना आदि काम किया. 45 दिन के बाद उत्पादन शुरू हो गया है. वह बताते हैं किअक्टूबर तक नेनुआ का उत्पादन होगा.किसान कहते हैं कि इसके लिए शुरुआती एक महीने की लागत 7 से 8 हजार की है. 45 दिन बाद उत्पादन शुरू होने के बाद अब धीरे-धीरे उत्पादन बढ़कर एक क्विंटल प्रति एक दिन करके होने लगा है.
स्थानीय मंडी में ले जाकर बेचते हैं
खोकन दास कहते हैं कि नेनुआ उत्पादन होने के बाद उसे मोतिहारी स्थित सब्जी मंडी में ले जाते हैं. जहां पहले से ही बड़े-बड़े व्यापारी मौजूद होते हैं. उन्हीं से मंडी रेट के अनुसार बेच देते हैं. रेट की बात करते हुए कहते हैं कि इस बार 3500 से रेट खुलकर अभी वर्तमान समय में 1500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है. वे कहते हैं कि बढ़िया से किसानी किया जाए तो नौकरी की कोई जरूरत नहीं है. इस बार उन्होंने खीरा और गन्ना की भी खेती की है.
.
FIRST PUBLISHED : June 07, 2023, 14:16 IST








