
अंकित कुमार सिंह/सीवान : बिहार के सीवान जिले में भी न्यूटन और आइंस्टीन जैसे लोग बसते हैं. जो ढलती उम्र में भी अपनी वैज्ञानिक सोच का लोहा मनवा रहे हैं. बुढ़ापे में भी लोग कुछ ऐसे ऐसे कार्य कर जाते हैं जिनका तोड़ किसी के पास नहीं होता है. कुछ अलग हटके कार्य परिवार चलाने का सहारा भी बन जाता है. जिस बुढ़ापे में लोग आराम फरमाते हैं, उस उम्र में सीवान के एक 60 वर्षीय वृद्ध महीने का 45 से 50 हजार कमा ले रहे हैं.
यह आपको जानकर थोड़ा ताज्जुब जरूर होगा कि आखिर कैसे 60 वर्षीय वृद्ध 45 से 50 हजार रुपए महीने का कमा रहे है और यह वृद्ध कौन है. तो हम आपको बताते हैं कि यह वृद्ध कोई और नहीं बल्कि सीवान सदर प्रखंड के जमसिकड़ी गांव के रहने वाले ब्रह्मा सिंह ऊर्फ वर्मा सिंह हैं. जिसको लोग रिफ्लेक्स मैन के नाम से भी लोग जानते हैं.
पंपसेट मशीन के लिए बनाते हैं रिफ्लेक्स
सीवान सदर प्रखंड के जमसिकड़ी गांव के रहने वाले 60 वर्षीय ब्रह्मा सिंह विगत 10 वर्षों से पंपसेट के लिए रिफ्लेक्स बनाने का काम कर रहे हैं. वे इसके लिए रॉ मैटीरियल पटना, गोरखपुर और पश्चिम बंगाल से मंगाते हैं. वहीं बनाने के बाद पंपसेट मशीन में लगने वाले रिफ्लेक्स को सीवान ही नहीं है बल्कि जिले से बाहर की सप्लाई करते हैं. यहां तक कि ग्राहक उनके पास से रिफ्लेक्स खरीदने के लिए दुकान पर भी जाते हैं. आज उनका अच्छा खासा मार्केट सीवान जिले में छाया हुआ है.
2 हजार से लेकर 2800 तक में बेचते हैं रिफ्लेक्स
ब्रह्मा सिंह ने बताया कि उनके हाथों से तैयार किए गए रिफ्लेक्स को सीवान ही नहीं बल्कि छपरा, गोपालगंज, बक्सर सहित उत्तर प्रदेश के भाटपार, देवरिया, गौरखपुर सहित अन्य जगहों के लोग भी खरीदते हैं. साथ ही जिले के कई होलसेल दुकानदार भी उनसे रिफ्लेक्स ले जाकर सेल करते हैं. वे बताते हैं कि उनके पास 2 हजार से लेकर 2800 तक का रिफ्लेक्स है. इसका रेट का निर्धारण क्वॉलिटी और गुणवत्ता पर निर्भर करता है. जितने बेहतर क्वालिटी का रिफ्लेक्स ग्राहक लेंगे उस हिसाब से उसका प्राइस भी बढ़ जाता है.
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खेती किसानी से भर गया मन तो शुरू किया रिफ्लेक्स बनाने का काम
दरअसल, ब्रह्मा सिंह का भी जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा है. शुरुआती दौर में वे देश के विभिन्न जगहों पर कई कम्पनियों में काम किया. हालांकि पिता की मृत्यु के बाद वे घर आकर खेती-किसानी करने लगे. इस महंगाई के दौर में खेती-किसानी से भी घर परिवार चलाना उन्हें काफी मुश्किल होने लगा. बाद में उन्होंने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर छोटे स्तर पर कारोबार चालू किया.
हालांकि उद्योग को गति देने में लगभग उन्हें 2 वर्ष का वक्त लग गया. जिसके बाद उनके सामान का लोग महत्व समझने लगे और आज महीने का 45 से 50 और सीजन आने पर और आमदनी बढ़ जाती है. ब्रह्मा सिंह ने बताया कि एक रिफ्लेक्स बनाने पर अनुमान 1200 से 1500 रुपए खर्च होता है. फ्लेक्स बनाने के लिए दो कारीगर को भी रखें. खेती का सीजन रहता है तो हर माह ढाई से तीन लाख तक का टर्नओवर चला जाता है.
रिफ्लेक्स में एक से डेढ़ लीटर पानी की पड़ती है जरुरत पानी
ब्रह्मा सिंह बताते हैं कि रिफ्लेक्स की आवश्यकता पंपसेट मशीन में पानी पकड़वाने के लिए होती है. जब इसको लगाया जाता है तो सेक्शन पाइप की आवश्यकता नहीं पड़ती है. किसान को एक सेक्शन पाइप लेने में लगभग 10 से 12 हजार रुपए का खर्च आ जाता है. हालांकि ग्राहक सिर्फ दो हजार से 2500 खर्च कर रिफ्लेक्स खरीद लेते हैं. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले रिफ्लेक्स में पानी पकड़वाने के लिए मात्र 1 से डेढ़ लीटर पानी डालना पड़ता है. वहीं बाजार में मौजूद अन्य रिफ्लेक्स में 8 से 10 लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 22:08 IST








