बिहार के नंबर वन अस्पताल में चलता है रिश्वत का खेल, नर्स सहित सभी स्टाफ लेती है नजराना, सीएस ने लिया संज्ञान

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नीरज कुमार/बेगूसराय: सरकार जिला के प्रमुख अस्पताल में मरीजों की बेहतर देखभाल और इलाज के लिए मुकम्मल व्यवस्था की है. बेगूसराय के सदर अस्पताल को भी कई आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है. हालांकि सरकार सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल में समुचित व्यवस्था का दावा तो करती है, लेकिन यहां कर्मी हीं प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को शोषण का शिकार बानते हैं. प्रसव से लेकर दवा और बेड उपलब्ध कराने के नाम पर पैसा मांगा जाता है. यदि आप भी बिहार के नंबर वन बेगूसराय सदर अस्पताल में परिवार के किसी गर्भवती महिल का संस्थागत प्रसव कराना चाहते हैं तो आपको 200 से 500 रूपए का नोट पॉकेट में रख लेना चाहिए. अन्यथा शिशु के जन्म लेने के बाद नजराना नहीं देने पर आप अपने साथ नवजात को नहीं ले जा पाएंगे. आपको यहां कार्यरत स्टॉफ नर्स, ममता एवं आशा कार्यकर्ता बिना रूपए लिए जाने नहीं देंगे. यदि आपने रूपए नहीं दिया तो सार्वजनिक तौर पर अपमानित भी करने से गुरेज नहीं करेंगे. इस मामले का तब खुलासा हुआ जब सदर अस्पताल के कंगारू रूम के सामने डुमरी से आई प्रसूता गुलशन खातून ने न्यूज 18 लोकल के कैमरे पर आपबीती बताई. गुलशन खातून एक तरफ जहां रूपए पास में नहीं होने की लाचारी बता रही थी तो वहीं परिजन घर से पैसा लाने की बात कह रहे थे. इस दौरान बच्चे को लेकर जाने नहीं दिया जा रहा था.



सिविल सर्जन ने फुटेज देखकर शुरु की जांच
सदर अस्पताल में प्रसूता गुलशन खातून जब ने इसका खुलासा किया तो सिविल सर्जन प्रमोद कुमार हरकत में आ गए. इसके बाद सीएस सीधे जांच के लिए सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष पहुंचे. जहां जांच के बाद स्टॉफ नर्स रूम पहुंचकर मामले की पाड़ताल करनी शुरू कर दी. प्रसूता के समक्ष सीएस ने स्टॉफ नर्स से पूछताछ की. सिविल सर्जन ने प्रथम दृष्टया ममता एवं रात्रि ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ नर्स को दोषी पाते हुए अस्पताल प्रबंधक पंकज कुमार को सभी संबंधित कर्मियों को नोटिस देने के लिए निर्देशित किया. सिविल सर्जन ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच वे खुद करेंगे. सीएस ने सभी संबंधित स्टॉफ नर्स एवं ममता को कार्यालय कक्ष में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया. इसके साथ ही तत्काल प्रभाव से तीनों ममता को ड्यूटी से हटा दिया गया है.

जीरो टॉलरेंस की सरकार में अनियमितता नहीं की जाएगी बर्दाश्त
सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि सरकार जीरो टोलरेंस पर काम कर रही है. किसी भी प्रकार की अनियमिता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि स्टॉफ नर्स को 80 हजार रूपए का वेतन मिलता है. ऐसे में इस तरह की गैर जिम्मेदाराना हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित कर्मियों के खिलाफ न्याय संगत कार्रवाई की जाएगी.

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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 12:52 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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