
विक्रम कुमार झा/पूर्णिया. ग्रीष्म यानी गुप्त नवरात्र जून में शुरू होगा. इस पर पर विशेष जानकारी पंडित मनोत्पल झा ने दी. वे बताते हैं कि साल में चार नवरात्र होते हैं और चारों के अलग-अलग महत्त्व हैं. माघ महीने में शिशिर नवरात्र मनाया जाता है. चैत्र माह में वसंत्र नवरात्र, आश्विन मास में शारदीय नवरात्र और जून यानी आषाढ़ महीने में ग्रीष्म या गुप्त नवरात्र होते हैं.
पंडित मनोत्पल झा ने कहा कि इस बार गुप्त नवरात्र की शुरुआत होने की तिथि शुक्ल पक्ष प्रतिपदा सोमवार यानी 19 जून 2023 है. इस नवरात्र में सबसे ज्यादा सक्रिय तांत्रिक होते हैं और सिद्धि करते हैं. इसे गुप्त नवरात्रि भी कहा जाता है. अगर कोई तंत्र विद्या की सिद्धि करना चाहता है तो यह नवरात्र सबसे ज्यादा उपयोगी होता है. साल में दो नवरात्र पूजा-पाठ के लिए होते हैं और दो नवरात्र तांत्रिक विद्या की सिद्धि के लिए. पंडित मनोत्पल झा ने कहा कि इस बार गुप्त नवरात्र 19 जून को शुरू हो रहा है. 26 जून को महाअष्टमी का व्रत होगा. 27 जून को महानवमी का व्रत और 28 जून को महा विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा.
पंडित मनोत्पल झा ने कहा कि इस नवरात्र को भी आम लोग कर सकते हैं. साल के चारों नवरात्र को आमलोग कर सकते हैं. घर-घर में यह नवरात्र हो सकता है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस नवरात्र का प्रचलन कम होने से ज्यादा लोगों को पता नहीं और पंडितों के द्वारा लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि जैसे हमलोग आश्विन मास के नवरात्र करते हैं, उसी तरह इस नवरात्र में भी पूजा कर सकते हैं, जिससे माता लक्ष्मी और मां दुर्गा की कृपा बनी रहेगी.
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FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 08:13 IST








