बिहार में फिर टूटा पुल तो तेजस्वी यादव ने दिया जवाब, बोले- IIT रुड़की से जांच कारवाई थी, हमलोगों को पहले से ही शंका थी

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना. बिहार के खगड़िया (Khagaria) जिले में पुल गिरने के बाद राज्य सरकार की भारी फजीहत हो रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की पूरी जानकारी मांगी है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की बात भी कही है. इसी बीच उप मुख्यमंत्री और पथ निर्माण मंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने इस घटना की पूरी जानकारी पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से ली और मीडिया को पुल टूटने की पूरी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि इस घटना के लिए जो भी दोषी होंगे उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही यह भी भरोसा दिलाया जाता है कि जल्द से जल्द निविदा निकाल कर पुल का निर्माण कराया जाएगा.
दरअसल 1710 करोड़ की लागत से गंगा नदी पर बन रहे सुल्तानगंज अगवानी निर्माणाधीन पुल एक बार फिर रविवार की शाम लगभग 6:00 बजे टूट गया, जिसके बाद से बिहार में सियासी हलचल भी तेज हो गई है. गौरतलब है कि 30 अप्रैल 2022 को इसी पुल का 36 सिग्मेंट हवा के झोंके में गिर गया था. एक बार फिर रविवार को पुल गिरने से निर्माण कंपनी पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं.

आपके शहर से (पटना)

इस पुल के गिरने के बाद पथ निर्माण मंत्री और उप मुख्य मंत्री तेजस्वी यादव और पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने एक प्रेस वार्ता कर घटना की विस्तार से जानकारी दी. तेजस्वी यादव ने बताया कि निर्माणाधीन पुल क्षतिग्रस्त हुआ है. यह पहली बार नहीं है, 30 अप्रैल 2022 को भी आंधी आने के कारण सुपर स्ट्रक्चर गिरा था और उस समय हम विपक्ष के नेता थे और हमने इससे जुड़ा हुआ सवाल उठाया था. यही सवाल विधानसभा में दो बार आया था, जिसको लेकर हमने जवाब दिया था. दूसरा सवाल 13 मार्च 2023 को जदयू विधायक डॉक्टर संजीव ने उठाया था और हमने जवाब दिया था कि इसकी जांच एनआईटी पटना, आईआईटी मुंबई और रुड़की के प्रोफेसर के द्वारा कराई जा रही है.

Bihar: नीतीश कुमार के अभियान पर कांग्रेस का ब्रेक! क्या बिहार में हो रहा बड़ा खेला? पढ़ें इनसाइड स्टोरी

तेजस्वी यादव ने बताया कि नवंबर में हमने रिव्यू मीटिंग की थी, पथ निर्माण विभाग की ओर से हमने कहा था कि इसकी जांच होनी चाहिए. आईआईटी रुड़की की जो रिपोर्ट होगी, उसके हिसाब से काम करेंगे आईआईटी रुड़की का रिपोर्ट साफ-साफ है कि आंधी आने का कारण गिरा । इस रिपोर्ट के आधार पर हमारे डिपार्टमेंट ने जो स्ट्रक्चर था उसको तोड़ा कई स्पैन को नए तरीके से तोड़ कर के बनाने का काम किया गया. तेजस्वी यादव ने कहा कि जो हम लोगों ने तुड़वाया है और जो नुकसान हुआ है, उसका खर्च सरकार पर नहीं संवेदक पर आया है. जो भी नुकसान होगा उसका पैसा संवेदक निर्वाहन करेगा. 2015 में शिलान्यास किया गया 2019 में खत्म करना था. 30 अप्रैल 2022 तक इनको एक्सटेंशन दिया गया और हम लोग आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे. 3 महीने बाद फिर से काम शुरू किया जाएगा.

वहीं प्रत्यय अमृत(Pratyay Amrit) ने कहा कि जब स्पैन को लेकर शिकायत आई थी, तब हमने कहा था कि पिलर नंबर 5 गिराया बाकी की भी जांच कराई जाए. प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है. जब 30 अप्रैल को घटना घटी थी तो उसी दिन मुख्यमंत्री ने समीक्षा की थी, तब से हम लोगों को अंदेशा था कुछ ना कुछ डिजाइन में डिफेक्ट है. हमने स्वयं मीटिंग की थी, जिसमें एसपी सिंगला अपने अमेरिकन डिज़ाइनर के साथ भाग लिए थे. इसी बीच आईआईटी रुड़की ने अपनी जांच रिपोर्ट दे दी और आज जो घटना घटी है, वह आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट से क्लियर है.

रोम है पोप का, मधेपुरा गोप का… कब और किसने की थी इस कहावत की शुरुआत, पढ़ें राजनीति की दिलचस्प कहानी

यह ब्रिज पूरे इलाके के लिए वरदान है और जब तक आईआईटी रुड़की से फुल रिपोर्ट नहीं मिलता है तब तक काम हम नहीं करेंगे. आज जो स्ट्रक्चर गिरा है उसके निर्माण करने वाले संवेदक/डिज़ाइनर उस समय स्ट्रक्चर को तोड़ने के लिए नहीं कह रहे थे. लेकिन हम लोगों ने कहा कि तोड़ा जाएग लेकिन अब जब पुल गिर गया है. इस कार्य के लिए संवेदक के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई होगी, ब्लैक लिस्टेड भी किया जा सकता है.

Tags: Bihar News, Nitish kumar, Tejashwi Yadav

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें