
अनंत कुमार/गुमला. गुमला में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं. यदि यहां के पर्टयन स्थलों को कॉरिडोर से जोड़ दिया जाए तो पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ेगी. यहां लंबे समय से कॉरिडोर की मांग भी हो रही है. इससे रोजगार के भी अवसर खुलेंगे. गुमला जिला हसीन वादियों के बीच बसा है. यहां नदियां, पहाड़, ऐतिहासिक धरोहर ,ऐतिहासिक धार्मिक पूजा स्थल इत्यादि देखने लायक कई स्थल हैं. जो यहां की खुबसूरती में चार चांद लगाते हैं. यहां दक्षिणी कोयल व शंख नदी की कल-कल बहती जलधारा, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं. जंगलों के बीच बसे गांव, हरे भरे पेड़, चारों ओर हरियाली, पक्षियों की चह-चहाहट, ऐसा लगता है कि गुमला को प्राकृति ने बड़े फुर्सत से संवारा हो.
यदि गुमला को कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाता है तो निश्चित ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने व स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान कराने के लिए लंबे समय से कॉरिडोर बनाने की मांग चल रही है. यहां की स्वच्छ व अनुकूल वातावरण सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां विभिन्न पर्यटन स्थल हैं. हनुमान की जन्मस्थली आंजन धाम, टांगीनाथ धाम, देवाकीधाम, महामाया मंदिर, वासुदेव कोना मंदिर साथ ही गोब्बरसिल्ली, पंपापुर, नागफेनी, बाघमुंडा, हीरादह इत्यादि यहां की पहचान है.
गुमला शहीदों की जन्म भूमि
दक्षिणी कोयल व शंख नदी गुमला से होकर बहती है. ऐतिहासिक धरोहर के रूप में नवरत्नगढ़ गढ़ का किला, सुग्रीव गुफा, चांद गुफा आदि हैं. अपना लोहा मनवाने वाले परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का, स्वतंत्रता सेनानी बख्तर साय मुंडन, तेलंगा खड़िया इत्यादि सहित कई वीर सैनानियों ने यहां जन्म लिया. गुमला शहीदों की जन्म भूमि भी है. गुमला का पड़ोसी जिला लोहरदगा, सिमडेगा, रांची,लातेहार जिला गुमला के बॉर्डर को स्पर्श करती है. गुमला छत्तीसगढ़ व ओड़िशा राज्य का प्रवेश द्वार है.
कॉरिडोर निर्माण से बढ़ेगा रोजगार का अवसर
मिशन बदलाव के संयोजक भूषण भगत ने कहा कि गुमला में बहुत सारे ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थल व पर्यटक स्थल है. सभी पर्यटक स्थलों को जोड़कर कॉरिडोर का निर्माण करने से लोगों को रोजगार मिलेगा. साथ ही यहां टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और दूर-दूर से लोग यहां घूमने आएंगे. इससे सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति होगी. गुमला को एक अलग दिशा मिलेगा.
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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 22:18 IST








