
शरीर की साफ-सफाई के लिए ही हम नहाते हैं. सारे अंगों को साफ करते हैं, लेकिन डॉक्टरों ने शरीर के कुछ अंगों की सफाई न करने को लेकर चेताया है. उनके मुताबिक, यह शरीर का एक ऐसा हिस्सा है जहां तीन-चौथाई लोग नियमित रूप से शॉवर में नहीं धोते. हमें हर दूसरे दिन कम से कम एक बार इन जगहों को साबुन से अच्छे से साफ करना चाहिए. वरना इंफेक्शन फैलने का खतरा है. दुनिया के कई देशों में गर्मी के दिनों में इस तरह के इंफेक्शन फैल रहे हैं.
एक्सपर्ट के मुताबिक, पैरों और नाखूनों में इस तरह का संक्रमण तेजी से देखा जा रहा है. क्योंकि बहुत से लोग शॉवर लेते समय अपने पैर धोने से बचते हैं. क्योंकि वे मानते हैं कि साबुन का पानी जो स्वभाविक रूप से शॉवर से आ रहा है, वह उनके पैर भी साफ कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं होता. आपका पैर और भी गंदा हो जाता, क्योंकि आपके शरीर के साथ आई गंदगी नीचे जाती है जो पैरों में चिपकी रह जाती है. इससे इंफेक्शन फैलता है. और उपचार में काफी वक्त लगता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 50 प्रतिशत पुरुष और महिलाएं पैर कभी नहीं धोते, जबकि 25 प्रतिशत ने माना कि वे इसे रोज नहीं धो पाते हैं.
चौथाई लोग एथलीट फुट संक्रमण की चपेट में
कई लोगों का पैर इतना घिनौना हो जाता है कि वे अपने पैरों को नंगा नहीं रख सकते. उन्हें हमेशा मोजे पहनकर रहना पड़ता है. ऐसे लोगों को पॉडोफोब्स कहा जाता है. आप सोच रहे होंगे कि क्या यह इतना बीमार कर सकता है. तो हम आपको बता दें कि अमेरिका और ब्रिटेन में एक चौथाई लोग एथलीट फुट संक्रमण की चपेट में हैं. इन्हें डॉक्टर की मदद लेनी पड़ता है. इसलिए अपने पैरों की अधिक देखभाल करना ही समझदारी है. डॉक्टरों का कहना है कि एथलीट फुट जिसका साइंटिफिक नाम टिनिया पेडिस भी है, यह पैर की उंगलियों के बीच इंफेक्शन से शुरू होता है. पैरों में खुजली, जलन और त्वचा छिलने या फटने लगती है. आमतौर पर लॉकर रूम, सार्वजनिक शौचालय और स्विमिंग पूल में ऐसा संक्रमण फैलने की संभावना काफी ज्यादा होती है.
डायबिटीज के मरीज तो खास ध्यान रखें
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी के मुताबिक, लोगों को हर दूसरे दिन साबुन और पानी से अपने पैर धोने चाहिए. मोजे और जूते पहनने से पहले पैर की उंगलियों के बीच रगड़ना और पैरों को पूरी तरह से सुखाना भी सुनिश्चित करना चाहिए.अगर आपको डायबिटीज है तो रोजाना पैर जरूर धोएं. पैरों में घाव हैं, कटा हुआ है या फफोले हैं तो उसे देखते रहें. ऐसा इसलिए क्योंकि यह इंफेक्शन नसों को संकुचित करे पैरों में खून के प्रवाह को कम कर सकता है. इससे पैरालिसिस तक हो सकता है.सीडीसी के मुताबिक, हर छह से आठ हफ्ते में एक बार नाखून जरूर काटें.रोजाना मोजे बदलकर ही पहनें.
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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 19:21 IST








