ओडिशा ट्रेन दुर्घटना: ‘कवच’ ने काम नहीं किया क्योंकि …, रेलवे ने बताई ये वजह

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नई दिल्‍ली. ओडिशा ट्रेन हादसे (Odisha train accident) को लेकर रेलवे ने कहा है कि स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली “कवच” उस मार्ग पर उपलब्ध नहीं थी जहां शुक्रवार शाम को दुर्घटना हुई थी. रेलवे बोर्ड में ऑपरेशन एंड बिजनस डेवलपमेंट की सदस्य जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि इस दुर्घटना का कवच से कोई लेना-देना नहीं था क्योंकि यह इस तरह की दुर्घटना को टालने में मददगार नहीं होता. यहां रेलवे अधिकारी ने बार-बार जोर देकर कहा कि केवल एक ट्रेन, कोरोमंडल एक्सप्रेस दुर्घटना का शिकार हुई है न कि तीन ट्रेनें.

जया सिन्हा ने कहा कि दुनिया की कोई भी तकनीक कुछ दुर्घटनाओं को नहीं रोक सकती है. उन्‍होंने उदाहरण के तौर पर कहा कि यदि वाहनों के सामने अचानक बोल्डर गिर जाए तो उस दुर्घटना को टाला नहीं जा सकता. उन्‍होंने कवच को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सवाल को खारिज कर दिया. उन्‍होंने रेल मंत्री के दावे को दोहराया कि इस दुर्घटना का कवच से कोई संबंध नहीं है. कवच एक ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसे भारतीय रेलवे ने आरडीएसओ के जरिए विकसित किया है.

कवच देश के सभी रेल रूट पर उपलब्‍ध नहीं
इस सिस्टम पर रेलवे ने साल 2012 में काम करना शुरू किया था. इस तकनीक का सफल प्रयोग पिछले साल ही किया जा चुका है. हालांकि, यह तकनीक देश के सभी रेल रूट पर उपलब्ध नहीं है. इस टेक्नोलॉजी को सभी रेलवे ट्रैक पर लागू करने की दिशा में काम जारी है. जया सिन्हा ने कहा कि इसको लेकर बजट पास हो चुका है और अलग- अलग सेक्‍शन में इसे उपलब्‍ध कराया जा रहा है. इस पूरे देश में एक साथ लागू नहीं किया जा सकता.

सिग्‍नल जंप करने पर ट्रेन खुद ही रुक जाती है
‘कवच’ स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (Automatic Train Protection) सिस्टम है. रेलवे के अनुसार, कवच टेक्नोलॉजी ट्रेनों की आपस में भिड़ंत को रोकने का काम करती है. इस तकनीक में सिग्‍नल जंप करने पर ट्रेन खुद ही रुक जाती है. ‘कवच’ प्रणाली में हाई फ्रीक्वेंसी के रेडियो कम्युनिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है. ये सिस्टम तीन स्थितियों में काम करता है – जैसे कि हेड-ऑन टकराव, रियर-एंड टकराव, और सिग्नल खतरा. ब्रेक विफल होने की स्थिति में ‘कवच’ ब्रेक के स्वचालित अनुप्रयोग द्वारा ट्रेन की गति को नियंत्रित करता है.

Tags: Indian Railway news, Odisha, Odisha Train Accident

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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