
हाइलाइट्स
साइबर क्राइम से जुड़े एक केस में केवाईसी अपडेशन के नाम पर महिला से 1 लाख की ठगी कर ली गई.
आपके साथ इस तरह की कोई घटना होती है तो सबसे पहले अपने बैंक को इस बारे में सूचित करें.
जितना जल्दी हो सके साइबर क्राइम वेबसाइट ऑनलाइन रिपोर्ट करें या 1930 पर कॉल करें.
नई दिल्ली. हम अक्सर साइबर क्राइम से जुड़े कई मामलों के बारे में सुनते हैं. साइबर अपराधी हर बार लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए नए तरीके निकालते हैं. हाल में ऐसे भी कई मामले सुनने में आए हैं जिसमें सीनियर सिटीजन को इसका निशाना बनाया गया है. टेक्नोलॉजी की ज्यादा समझ न होने के कारण वे ठगों के बताए अनुसार किसी भी लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे उनकी बैंकिंग डिटेल चुराकर बैंक अकाउंट से पैसे उड़ा लिए जाते हैं.
हाल ही में एक इसी तरह का मामला सामने आया है जिसमें एक बुजुर्ग महिला को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया है. दरअसल, ठगों ने इसके लिए महिला को बैंक का प्रतिनिधि होने का भरोसा दिलाकर उससे AnyDesk के जरिए स्क्रीन का एक्सेस और ओटीपी दोनों हासिल कर लिए और उनके अकाउंट से एक लाख रुपये उड़ा लिए.
केवाईसी अपडेशन के नाम दिया ठगी को अंजाम
इस ठगी को अंजाम देने के लिए सबसे पहले महिला को मोबाइल फोन पर एक टेक्स्ट मैसेज भेजा गया, जिसमें केवाईसी अपडेशन के लिए कहा गया था. साथ ही यह भी बताया गया था कि मैसेज में दिए गए लिंक को ओपन नहीं करने पर उसका अकाऊंट ब्लॉक कर दिया जाएगा. हालांकि, महिला ने थोड़े समय पहले ही कुछ चेक जारी किए थे इसलिए उसने मैसेज को सही मानकर लिंक पर क्लिक कर दिया. इसके बाद उनके मोबाइल पर एक कॉल आया जिसमें ठग ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और कहा कि वह केवाईसी अपडेशन में उनकी मदद करेगा.
ऐसे लिया AnyDesk का एक्सेस
महिला को भरोसे में लेते हुए ठग ने कहा कि वह केवाईसी के प्रोसेस को पूरा करने में उनकी सहायता करेगा, जिसके लिए उसे AnyDesk का एक्सेस देना होगा. इस तरह उसने महिला के फोन में AnyDesk इंस्टाल करवाया और उसका एक्सेस ले लिया. इसके बाद उसने एक ऐसी वेबसाइट ओपन की जो बिलकुल बैंक की वेबसाइट की तरह दिख रही थी. फिर उसने बताया कि आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा जिसे दर्ज करते ही केवाईसी का प्रोसेस पूरा हो जाएगा. इस तरह उसने महिला से बातों ही बातों में ओटीपी भी ले लिया. 15-20 मिनट तक चले इस प्रोसेस ने महिला को थका दिया और वह सोने चली गई. अगले दिन उसने देखा तो बैंक अकाउंट से एक लाख रुपये गायब थे.
ऐसे मामलों में क्या करें क्या नहीं?
अगर आपको भी कभी इस तरह का कोई संदिग्ध मैसेज मिलता है तो उसमें मौजूद किसी भी लिंक पर क्लिक ना करें. बैंकों या वित्तीय संस्थानों के सभी आधिकारिक संदेश हमेशा एक हेडर के साथ आते हैं जिसमें बैंक या वित्तीय संस्थान का नाम दिखाई देता है. इसकी पहचान करके ही उस पर भरोसा करें. कभी किसी को भी अपनी निजी जानकारी, ओटीपी या स्क्रीन का एक्सेस ना दें. अगर आपके साथ इस तरह की कोई घटना हो जाती है तो सबसे पहले अपने बैंक को इस बारे में सूचित करें. साथ ही जितना जल्दी हो सके साइबर क्राइम वेबसाइट (https://cybercrime.gov.in/) पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें या गोल्डन ऑवर के भीतर 1930 पर कॉल करें. इसके अलावा 24 घंटे के अंदर ही नजदीकी पुलिस थाने में इसकी एफआईआर भी दर्ज करवाएं. समय पर सूचना देने से बैंक और पुलिस दोनों को ठगों तक पहुंचने में आसानी होती है.
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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 18:43 IST








