क्या है मोबाइल को देखने का सही तरीका, कितनी दूरी रखनी चाहिए, ताकि आंखों पर ना हो बुरा असर

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


दुनिया में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या अरबों में है और लगातार बढ़ती जा रही है. कई रिपोर्ट्स में यह बताया गया है कि हर दिन लोग औसतन अपने स्मार्टफोन पर सवा 3 घंटे बिताते हैं. ऐसे में स्वाभाविक है कि आंखों पर इसका बुरा असर होता है. स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के बाद इससे आंखों को होने वाले नुकसान से बचाने की जरूरत अब पहले से कही ज्यादा है. इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आंख और स्मार्टफोन के बीच कितनी दूरी होनी चाहिए. (Image- ShutterStock)

लंबे समय तक अपने स्मार्टफोन को देखने से थकान, खुजली और आंकों में सूखापन, धुंधली नजर और सिरदर्द जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं. सेलफ़ोन के उपयोग से होने वाली आँखों से जुड़ी परेशानी लंबे समय तक परेशानी दे सकती है. प्रसाद नेत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन से निकलने वाली नीली रोशनी आंखों और रेटिना के लिए खतरनाक हो सकती है क्योंकि यह कॉर्निया और लेंस द्वारा अवरुद्ध नहीं होती है, इसलिए काफी नुकसानदेह होती है. ज्यादातर यूजर्स स्मार्टफोन के इस्तेमाल के दौरान उसे अपने चेहरे से करीब 8 इंच की दूरी पर रखते हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि फ़ोन को इतने पास रखना आँखों के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है. लंबे समय तक स्मार्टफोन के इस्तेमाल से अपनी आंखों को बचाने के लिए लगभग 16 से 18 इंच की दूरी बनाए रखें. (Photo: Samsung) अगर आप लगातार स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो इसे देखते समय थोड़ी-थोड़ी देर में पलकें झपकना नहीं भूलें. समय-समय पर पलक झपकने से आपकी आंखों को दो तरह से मदद मिलती है. पलक झपकने से आपकी आँखों में नमी बरकरार रहेगी और इससे सूखापन व जलन नहीं होगी. दूसरे, पलक झपकने से आपकी आंखों को फिर से फोकस करने में मदद मिलेगी. 15 मिनट में लगभग 10 बार पलकें झपकना सही माना जाता है. (Image- ShutterStock) 20-20-20 का पालन जरूर करें. इस नियम के अनुसार, हर 20 मिनट में, 20 सेकंड के लिए, अपनी स्क्रीन से 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें. इससे आपकी आंखों को आराम मिलता है. मोबाइल की ब्राइटनेस को एडजस्ट करते रहें और सुनिश्चित करें कि आपकी स्क्रीन की ब्राइटनेस आप जहां हो वहां की लाइट के बराबर हो. स्क्रीन का बहुत अधिक चमकीला या बहुत गहरा होना आपकी आंखों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. (Image- ShutterStock) अक्सर कई लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल अंधेरे कमरे में लाइट नहीं होने पर भी करते हैं लेकिन यह आपकी आंखों के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक हो सकता है. इससे बचने के लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि मोबाइल की ब्राइटनेस का लेवल जितना संभव हो उतना कम रखें.

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें