
नीरज कुमार/बेगूसराय: बिहार से रोजाना हजारों लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं. जिनको परिवार चलाने के लिए कोई भी काम मिल जाए तो खुश हो जाते हैं. लेकिन इनमें से कुछ ऐसे भी मजदूर हैं जो काम सीखकर खुद का उद्यम खड़ी कर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश में लगे रहते हैं. कुछ इसी तरह की कहानी बेगूसराय के किसान प्रमोद महतो की है. उन्होंने बंदरगाह पर परवल की ट्रांसपोर्टिंग देख खुद ही परवल उत्पादन करने का मूड बना लिया और अपने गांव लौट कर परवल की खेती शुरू कर दी. परवल की खेती को मुनाफे में तब्दील कर दिया. प्रमोद महतो फिलहाल एक एकड़ में परवल की खेती कर रहे हैं.
प्रमोद तीन वैरायटी के परवल की करते हैं खेती
बेगूसराय जिला मुख्यालय 40 किलोमीटर दूर चेरिया बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत गोपालपुर पंचायत के वार्ड 15 के रहने वाले प्रमोद महतो ने बताया कि 2008 में कमाने के लिए परदेश चला गया. ढंग का काम नहीं मिला तो बंदरगाह पर परवल की ट्रांसपोटिंग के कार्य में जुट गया. 2016 में गुजरात में एसआर और रिलायंस के बंदरगाह पर परवल के एक्सपोर्ट के बारीकि को समझा. तब समझ में आया कि परवल की खेती बेहतर मुनाफे का विकल्प हो सकता है.
मन में ख्याल आया कि क्यों न परवल की खेती हीं शुरू किया जाए. इसके बाद काम छोड़ दिया और गांव आकर परवल की खेती शुरू कर दी. उन्होंने बताया कि पहली बार एक एकड़ परवल की खेती में 1 लाख लागत लगा. 2017 से अब तक डंडारी, डंडारी स्पंज और दूधिया वैरायटी के परबल की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया 1 एकड़ में 25 से 30 क्विंटल परवल का उत्पादन कर लेते हैं.
एक एकड़ से सालाना कमा रहे हैं 6 लाख
किसान प्रमोद महतो ने बताया कि परवल की खेती में कमाई बाजार पर निर्भर करता है. बाजार में रेट बेहतर रहा तो कमाई का दायरा बढ़ जाता है. प्रमोद महतो ने बताया कि उनका परवल बेगूसराय और समस्तीपुर के सब्जी बाजार के कारोबारियों के द्वारा खरीदा जाता है. एक कट्ठे में परवल की खेती करने पर दस महीने में 60 हजार की कमाई होती है. प्रमोद ने बताया कि एक एकड़ में परवल की खेती कर सालाना 6 लाख कमा रहे हैं. आपको बता दें कि परवल की कीमत लग्न के दिनों में 100 रूपए प्रति किलो चली जाती है. जिसमें कमाई अधिक हो जाती है.
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FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 14:41 IST








