
नकूल जसूजा/सिरसा. एक समय था जब पूरे हरियाणा में सबसे ज्यादा किन्नू का उत्पादन सिरसा जिले में होता था. सिरसा में 16 – 17 हजार एकड़ मे किन्नू के बाग लगाए गए थे, सिरसा का किन्नू देश के अलावा विदेशों में भी निर्यात होता है. लेकिन पिछले 2 सालों में किन्नू की पैदावार कम हो गई .साल 2023 में किसानों को उम्मीद थी कि फसल की पैदावार पहले के मुकाबले बेहतर होगी, लेकिन अफसोस की इस बार भी निराशा ही हाथ लगी.
मई महीने के आखिरी दिनों में मौसम में हुआ बदलाव बेशक लोगों को भीषण गर्मी से राहत देने वाला था. लेकिन कुछ दिनों का तूफान और बारिश ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. बागवानी अधिकारियों की मानें तो इस बार 30 से 40 प्रतिशत का नुकसान मई के आखिरी दिनों में हुई बारिश और तूफान के चलते हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि अगर मौसम आने वाले दिनों में फिर ऐसा होता है तो काफी नुकसान होने की आशंका है क्योंकि किन्नू की पौधे पर फल लगने शुरू हो गए हैं. ऐसे में अगर फिर तूफान या आंधी आती है तो किन्नू को काफी नुकसान पहुंच सकता है.
किन्नू की फसल पर पड़ी मौसम की मार
सिरसा जिले में डबवाली क्षेत्र में सबसे ज्यादा किन्नू के बाग है. बागों की तस्वीरें देखकर ऐसे लगता है, कि किसानों को काफी नुकसान हुआ है. बाग में लगे पौधों से फल टूटकर नीचे जमीन पर बिखरा पड़ा है. पिछले 2 सालों से हीटवेव के चलते फसल की पैदावार पर असर पड़ा था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा था कि पैदावार अच्छी होगी. मौसम ने बागबानो की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.बागवानी अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों ने मुख्यमंत्री बागवानी योजना के तहत बीमा करवाया हुआ है,वह तुरंत पोर्टल पर नुकसान की जानकारी ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके.
.
FIRST PUBLISHED : June 03, 2023, 14:00 IST








