Can iPhone really be hacked How strong Russian Claim of US Hacking iPhone is

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हाल ही में रूस की खुफिया एजेंसी फेडरल सिक्यूरिटी सर्विस ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने खास सर्विलियंस सॉफ्टवेयर के जरिए रूस के हजारों आईफोन हैक कर उनसे जानकारी निकालने का काम किया है. एजेंसी का दावा है कि हजारों फोन संक्रमित पाए गए हैं जिसमें आम रूसी नागरिकों से लेकर रूसी राजनयिकों तक के आईफोन शामिल हैं. वैसे तो अमेरिका और एप्पल कंपनी दोनों ने इन आरोपों को खारिज किया है. लेकिन इससे एक और बहस शुरू हो गई है कि क्या एप्पल फोन को हैक किया जा सकता है जिसे एंड्रॉयड मोबाइल की तुलना में बहुत ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

बिलकुल नए नहीं हैं इस तरह के आरोप
यहां गौर करने वाली बात है कि केवल फोन ही नहीं बल्कि ऐप बनाने वाली कंपनियों पर भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि वे जासूसी के उपकरण के तौर पर इस्तेमाल होते हैं या हो सकते हैं. इनमें टिकटॉक सबसे मशहूर उदाहरण हैं. भारत में भी सोशल मीडिया पर कई तरह की आशंकाएं जताने वाले वीडियो समय समय पर वायरल होते हैं जिनमें दावा किया जाता है कि चीनी मोबाइल को चीन नियंत्रित कर सकता है.

कोई तकनीक फूल प्रूफ नहीं
लेकिन हम यहां चीन, रूस अमेरिका की नहीं बल्कि केवल आईफोन की बात करेंगे. और उससे पहले यह समझना सबसे ज्यादा अहम होगा कि कोई भी तकनीक फूल प्रूफ नहीं होती है और ना ही हो सकती है. यही वजह है कि मोबाइल के हैक होने या उसके जरिए जरूरी तकनीकी जानकारी निकालने के लिए की जाने वाली ऑनलाइन या मोबाइल संबंधी धोखाधड़ी के प्रति सावधान किया जाता रहता है.

हैक हो भी सकता है आईफोन
इसमें कोई शक नहीं एंड्रॉयड फोन की तुलना में आईफोन के हैक होने का जोखिम कम है, लेकिन यह मान लेने गलत होगा किआईफोन हैक नहीं हो सकते हैं. और यह सच है, ऐसा हो सकता है.आईफोन की सुरक्षा में सेंध लगाने के कुछ तरीके हैं जिनसे हैकिंग संभव है. मजबूत पासवर्ड, आई ओएस सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहना और अच्छा एंटीवायरस हैकिंग की संभावना को खत्म कर सकता है.

कुछ सावधानियां जरूरी
दरअसल हैकर कई तरहसे आईफोन में प्रवेश कर सकते हैं. वे ऐसा ऐप या आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम की खामियों के जरिए कर सकते हैं. हर ऐप की तरह ऑपरेटिंग सिस्टम को भी समय समय पर अपडेट की जरूरत होती रहती है. इसके लिए विशेषज्ञ अपने आईफोन का ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप हमेशा अपडेट रखने, मजबूत और असामान्य पासवर्ड रखने, टू फैक्ट ऑथेंटिकेशन, का उपयोग करने के साथ कोई लिंक खोलने या फाइल डाउनलोड करने में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

हैकिंग संभव क्यों होती है
इसे ऐसे समझें कि हमें अपने घर की सुरक्षा करते समय उन लोगों पर नजर रखनी होगी जो हमारे घर आते जाते हैं. इसी तरह से हमारे मोबाइल में बाहर से ऐप, ईमेल और उनके अटैचमेंट, कई लालच वाले ऐप और लिंक आ जाते हैं जिन्हे हम धोखे से आने देने के बाद फोन के अंदर (अधिकांश तौ पर अनजाने में) सक्रिय कर देते हैं. और हमारी सुरक्षा में समझौता हो जाता है.

ध्यान रखना होगा
हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि ना तो कोई किसी और भेष में हमारे घर में तो नहीं घुस रहा है और हमारी जानकारी किसी भी तरह से हासिल तो नहीं कर रहा है जिससे वह घर के बाहर भी उसका दुरुपयोग कर सकता है. ऐसे में जरूरी है कि हमारे फोन में रखी हमारी व्यक्तिगत जानकारी भी बहुत सुरक्षित हो. जिससे हैकर फोन में घुसने और हमें नुकसान करने की कोशिश ना कर सकें.

अगर किसी ऐप में या उसके अपडेट में कोई एक प्रोग्राम डाल दिया जाए जिससे बाहर से हैकर को फोन के अंदर आने का मौका मिल सकता है तो यह संभावना कम खतरनाक नहीं है. और अगर यह फोन बनाने वाली कंपनी केही अपडेट के जरिए हो जाए तो फिर हैकिंग को कौन रोक सकता है. यही होने का दावा रूसी खुफिया एजेंसी एफएसबी ने भी किया है और अमेरिका के साथ एप्पल ने इसी से पूरी तरह से इनकार किया है.

Tags: Apple, Hacking, Iphone, Research, Russia, USA, World

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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