Yogini Ekadashi 2023: तीनों लोक में प्रसिद्ध है योगिनी एकादशी, मिलेगा 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने का पुण्य और स्वर्ग प्राप्ति

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हाइलाइट्स

आषाढ़ कृष्ण एकादशी ​तिथि 13 जून को सुबह 09 बजकर 28 मिनट पर शुरू हो जाएगी.
व्रत वाले दिन योगिनी एकादशी पूजा के दो शुभ मुहूर्त हैं.

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी ​तिथि को योगिनी एकादशी व्रत रखा जाता है. यह व्रत तीनों लोक में अपने पुण्य प्रभाव के लिए प्रसिद्ध है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति योगिनी एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस व्रत को करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. इतना ही नहीं, मृत्यु के बाद स्वर्ग की प्राप्ति होती है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि योगिनी एकादशी व्रत कब है? पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण समय क्या है?

योगिनी एकादशी 2023 तिथि मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी ​तिथि 13 जून मंगलवार को सुबह 09 बजकर 28 मिनट पर शुरू हो जाएगी. यह तिथि अगले दिन 14 जून बुधवार को सुबह 08 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर योगिनी एकादशी का व्रत 14 जून को रखा जाएगा.

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योगिनी एकादशी 2023 पूजा मुहूर्त
जो लोग योगिनी एकादशी का व्रत रखेंगे, उनको विष्णु पूजा का शुभ मुहूर्त जान लेना चाहिए. व्रत वाले दिन 14 जून को योगिनी एकादशी पूजा के दो शुभ मुहूर्त हैं. पहला मुहूर्त सुबह 05 बजकर 23 मिनट से सुबह 08 बजकर 52 मिनट तक है. इसके बाद दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 37 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक है. आप अपनी सुविधा के अनुसार इन दोनों मुहूर्त में से किसी भी समय पूजा कर सकते हैं.

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योगिनी एकादशी 2023 पारण समय
योगिनी एकादशी व्रत का पारण 15 जून गुरुवार को किया जाएगा. उस दिन एकादशी व्रत का पारण सुबह 05 बजकर 23 मिनट से कर सकते हैं. पारण समापन का समय सुबह 08 बजकर 10 मिनट पर है. इस अवधि तक पारण कर लेना उचित है. इस दिन द्वादशी तिथि की समाप्ति सुबह 08 बजकर 32 मिनट पर हो रही है. द्वादशी तिथि के खत्म होने से पूर्व पारण कर लेना चाहिए.

योगिनी एकादशी व्रत का महत्व
भगवान श्रीकृष्ण से जब युधिष्ठिर ने आषाढ़ कृष्ण एकादशी के महत्व के बारे में पूछा तो श्रीकृष्ण ने कहा कि इस एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं. इस व्रत को करने से व्यक्ति पृथ्वी पर समस्त भोग प्राप्त करता है और परलोक में उसे मुक्ति मिलती है. इस व्रत को करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश हो जाता है. मृत्यु के बाद उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है.

Tags: Dharma Aastha, Lord vishnu

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Author: Up Head Line

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