ऋषिकेश के इस कैफे में हुई थी चिली गार्लिक मोमोज की शुरुआत, अभी भी स्वाद है लाजवाब!

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ईशा बिरोरिया/ ऋषिकेश: उत्तराखंड में स्थित ऋषिकेश एक पावन तीर्थ स्थल है. धार्मिक स्थल होने के साथ ही यह एक काफी सुंदर पर्यटन स्थल भी है. हर साल हजारों की संख्या में लोग यहां घूमने आते हैं. जबकि पर्यटकों को यहां का स्वाद भी काफी पसंद आता है. वैसे तो ऋषिकेश में कई सारे स्टॉल पर आपको गरमागरम मोमोज खाने को मिल जाएंगे. आपने कई जगह मोमोज खाए भी होंगे, लेकिन हम आपको ऋषिकेश की एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आपको स्पेशल चिली गार्लिक मोमोज उपलब्ध हो जाएंगे. जबकि इनके स्वाद का कोई जवाब नहीं है.

ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला पर स्थित द मंकी हाउस कैफे अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है. सुंदरता के साथ-साथ इस कैफे के कई सारे व्यंजन जैसे कि सैंडविच, नूडल्स और स्पेशल पिज्जा खाने काफी पसंद करते हैं, लेकिन यहां मिलने वाले चिली गार्लिक मोमोज बेहद खास हैं. न्यूज़ 18 को कैफे के कर्मचारी मनोज रावत ने बताया कि इस कैफे की शुरुआत 2 साल पहले मोहित नाथ द्वारा की गई थी. इनका कैफे ऋषिकेश का पहला ऐसा कैफे है जहां से चिली गार्लिक मोमोज की शुरुआत हुई. उसके बाद से ही हर जगह यह मोमोज मिलने शुरू हुए है. हालांकि अभी भी लोगों को द मंकी हाउस कैफे के बने चिली गार्लिक मोमोज पसंद आते हैं.

मोमोज पर किया एक्सपेरिमेंट
मनोज बताते हैं कि कैफे की शुरुआत से पहले उनकी पूरी टीम ने यहां काफी जगह मोमोज टेस्ट किए. इसके बाद सभी स्टाफ ने मिलकर यह तय किया कि क्यों न कुछ अलग तरह से मोमो बनाकर लोगों को खिलाए जाएं, जोकि उन्हें कुछ हटकर लगें और पसंद आएं. इस कैफे के मालिक मोहित नाथ और सभी स्टाफ ने मिलकर मोमोज पर एक्सपेरिमेंट किया. एक अलग अंदाज में मोमोज बनाए और नाम दिया चिली गार्लिक मोमोज. यह लोगों की खासी पंसद बने हुए हैं.

दूसरी जगह से हटकर है स्वाद!
द मंकी हाउस कैफे की कर्मचारी निशा राय बताती हैं कि वे सिक्किम की रहने वाली हैं. यह सिक्किम स्टाइल में बनाए जाते है, जोकि उन्होंने सिक्किम में सीखे थे. जबकि इन मोमोज में अलग तरह के मसालों को इस्तेमाल करते हैं, जोकि सिक्किम और दार्जिलिंग साइड में इस्तेमाल किए जाते हैं. साथ ही मोमोज की फिलिंग भी बाकी जगह से हट कर है. निशा बताती हैं कि उन्होंने जब यहां इस स्टाइल से मोमोज बनाए तो लोगों द्वारा काफी पसंद किए गए. यही वजह है कि कोई भी एक बार खा ले वो वापस यहीं मोमोज खाने आता है.

ऋषिकेश घूमने आए हैं तो यहां का स्वाद जरूर लें
अगर आप ऋषिकेश घूमने आए हुए हैं और मोमोज खाने के शौकीन है, तो एक बार ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला पर स्थित द मंकी हाउस कैफे के चिली गार्लिक मोमोज जरूर चखें. यह कैफे सुबह 11 बजे खुलता है और रात को करीब 11 बजे तक बंद हो जाता है.

Tags: Food 18, Rishikesh news, Street Food

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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