
गुलशन सिंह/बक्सर. महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली बक्सर में आज भी कई ऐसे स्थल हैं, जहां संत-महात्माओं की कीर्ति गाई जाती है. बक्सर जिला के ब्रह्मपुर प्रखंड अंतर्गत पोखरहा पंचायत में एक ऐसा ही स्थल हे जिसकी प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है.इसे मोनिया बाबा स्थल के नाम से लोग जानते हैं. मौनिया बाबा के नाम से प्रसिद्ध संत की समाधि स्थल पर ग्रामीणों के द्वारा भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है.
ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर की विशेषता है कि यहां जो भी श्रद्धालु आते हैं उन्हें भूख प्यास नहीं लगती है. साथ ही मंदिर से वापस लौटने का मन भी नहीं करता है. यह मंदिर पोखरहा गांव और राजपुर गांव के सीवान में स्थित है. वहीं मंदिर तक रास्ता नहीं होने के बावजूद यहां दर्शन-पूजन करने को लेकर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटती है.
मां जगदम्बा भवानी के उपासक थे मौनिया बाबा
ग्रामीण संजय कुमार यादव ने बताया कि कई दशक पूर्व यहां पर जंगल हुआ करता था. उस वक्त इसी जंगल में एक महात्मा कहीं से आकर रहने लगे और मां जगदम्बा भवानी की आराधना करने लगे. हालांकि, घनघोर वन होने के कारण इस जगह पर कोई आम इंसान जाने से परहेज करते थे. लेकिन, महात्मा जी दिन-रात तपस्या में लीन रहते थे और किसी से बात नहीं करते थे. जिसके बाद ग्रामीणों के द्वारा उन्हें मौनिया बाबा कहा जाने लगा. संजय ने बताया कि मौनिया बाबा से जो भी व्यक्ति मिलकर परेशानी को सुनाता था, उनके आशीर्वाद से परेशानियां दूर हो जाती थी.
वर्ष 2012 में मौनिया बाबा हुए थे ब्रह्मलीन
मौनिया बाबा का पुण्य प्रताप और ख्याति दूर-दूर तक फैल गई. लोगों की आस्था यहां से जुड़ते गया. हालांकि 2012 में मां जगदम्बा भवानी की तपस्या में लीन मौनिया बाबा ने अपने नश्वर शरीर का इच्छा से त्याग किया तो उनका यही पर समाधि स्थल बना. उसके बाद से लगातार श्रद्धालुओं का तांता समाधि स्थल के दर्शन करने के लिए लगा रहता है. ग्रामीणों के आपसी सहयोग से मौनिया बाबा का प्रतिमा स्थापित करते हुए भव्य मंदिर बनवाया गया है. वहीं साल में दो बार यहां मेला लगता है. जिसमें हरिकीर्तन के साथ-साथ भंडारे का भी आयोजन होता है.
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FIRST PUBLISHED : June 01, 2023, 09:56 IST








