
निशा राठौड़/ उदयपुर. गर्मियों की छुट्टियों में शहर की विश्व प्रसिद्ध फतह सागर झील का नजारा भी देखने वाला होता है, सूर्योदय के साथ ही फतह सागर झील की पाल पर चहल पहल बढ़ जाती है. शहर भर से बच्चे अपने अभिभावकों के साथ फतह सागर झील में स्विमिंग का आनंद लेने और स्विमिंग सीखने के लिए पहुंचे है. उदयपुर मात्र जगह होगी जहाँ बड़ी मात्रा में बच्चे स्विमिंग के लिए पहुँचते है और एक ही वक़्त पर इतने बच्चे स्विमिंग सीखते हैं.
हर आयु वर्ग के लोग सीखते है स्विमिंग
यहांआने वालों में 3 साल से लेकर 17 साल तक के बच्चों के अलावा हर उम्र के लोग शामिल है जो यहां स्विमिंग का आनंद लेते है. इनके इस जज्बे को समझ कर रोज सुबह शहर के दो लोग अनिल कालरा और शंकर निमावत इन बच्चों को निःशुल्क स्विमिंग सीखने के लिए पाल पर पहुँचते है. जहां दोनों ही निस्वार्थ भाव से पाल पर स्विमिंग सीखने की इच्छा रखने वाले हर बच्चे को अपना बच्चा मानकर स्विमिंग के गुर सिखाते है, तो वहीं अभिभावक भी निःसंकोच अपने बच्चे को दोनों ही ट्रेनर को सौंप देते है.
करीब 30 वर्षो से दे रहे निःशुल्क प्रशिक्षण
61 वर्षीय स्विमिंग ट्रेनर अनिल कालरा ने बताया की वह पेशे से एक व्यापारी है. उन्होंने भी स्विमिंग फतह सागर झील में ही सीखी थी, और करीब 30 सालों से वह बच्चों को रोज सुबह फतह सागर झील पर पहुँचकर निःशुल्क स्विमिंग की ट्रेनिंग दे रहें है और इन सालों में उन्होंने हजारों बच्चों को स्विमिंग सिखाई है.
इस कार्य में कालरा का साथ दे रहे शंकर निमावत का कहना है की उनके दिल में यह भाव है कि कोई भी टेलेंटेड बच्चा सिर्फ उसकी आर्थिक स्थिति और स्विमिंग की फीस न दे पाने से स्विमिंग से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसी जज्बे को दिल में लेकर वह रोज सुबह फतह सागर पाल पर पहुँचते है और बच्चों को ट्रेनिंग देते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 31, 2023, 16:07 IST








