सबसे बड़ा मुस्लिम मुल्क, मगर युवाओं को पसंद नहीं इस्लाम, धर्म परिवर्तन कर अपना रहे ये मजहब!

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दुनिया में ईसाई धर्म के बाद दूसरा सबसे बड़ा मजहब है इस्लाम. आधुनिक युग में दुनिया में इस धर्म के अनुयायियों की संख्या करीब 1.8 अरब है. यानी दुनिया की करीब एक चौथाई आबादी इस्माल को अपना मजहब मानती है. दुनिया के 26 देशों में इस्लाम आधिकारिक मजहब है. वैसे भी इस्लाम अपने समय का सबसे आधुनिक मजहब माना जाता रहा है. इसके आलोचक भी यह मानते है कि अगर सही तरीके से इसका पालन किया जाए तो इस्लाम वाकई में एक वैज्ञानिक धर्म रहा है. लेकिन, यह भी सच है कि दुनिया का हर मजहब क्षेत्र विशेष और काल खंड के हिसाब से बदलता रहा है. आज अधिकतर इस्लामिक दुनिया अस्थिरता के दौर से गुजर रही है.

अलग-अलग काल खंड में अलग-अलग धर्मों का प्रभाव रहा है. सनातन धर्म की ही बात की जाए तो आप देखेंगे कि एक दौर में पूरे दक्षिण और पूर्व एशिया पर इसका प्रभाव रहा. फिर एक प्रभावी धर्म के रूप में बौद्ध आया और इसने एक बृहद दुनिया पर अपना प्रभाव छोड़ा. फिर ईसाई और इस्लाम आया और इसने दुनिया के करीब-करीब हर इलाके तक लोगों को प्रभावित किया.

खैर आज हम धर्मों के इतिहास पर बात नहीं कर रहे हैं. आज की चर्चा की एक ऐसे मुल्क के बारे में है जो दुनिया का सबसे बड़ा इस्लामिक देश है. यहां 23 करोड़ से अधिक लोग इस्लाम धर्म को फॉलो करते हैं. यहां की आबादी में इनकी हिस्सेदारी 86.7 फीसदी है. मगर इनकी संस्कृति इस्लामिक नहीं है. इनकी संस्कृति पर सनातक धर्म का गहरा प्रभाव है. इनके कई इलाके हिंदू बहुल हैं. इस देश की गिनती दुनिया के प्रगतिशील मुल्कों में होती है. ऐतिहासिक तौर पर यह मुल्क इस्लामिक होने के बावजूद मध्य पूर्व के इस्लामिक देशों जैसा नहीं रहा है.

दरअसल, हम जिस देश की बात कर रहे हैं उसका नाम है इंडोनेशिया. आज इसकी चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि सबसे बड़ा इस्लामिक मुल्क होने के बावजूद इस देश में इस्लाम के प्रति लोगों का लगाव लगातार कम हो रहा है. बीते कुछ सालों में कई रिपोर्ट्स में दावे किए गए हैं कि इंडोनेशिया में लाखों की संख्या में मुस्लिम लोग ईसाई धर्म को अपना रहा है.

बढ़ रही मुस्लिमों की आबादी
आज की तारीख में इंडोनेशिया में करीब 2.9 करोड़ ईसाई हैं जो देश की कुल आबादी के 11 फीसदी हैं. लेकिन 1990 के दशक में यानी करीब 30 साल पहले यहां की आबादी में केवल 9.6 फीसदी ईसाई थे. ईसाई समुदाय की आबादी में बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ी वजह धर्मांतरण हैं. आज इंडोनेशिया में कई ऐसे इलाके हैं जहां ईसाई धर्म के लोग बहुसंख्यक हो चुके हैं. वैसे यह भी सही है कि ईसाई धर्म की आबादी बढ़ने की वजह से यहां पर 1950 के दशक से ही छिटपुट हिंसा की घटनाएं होती रही हैं.

हिंदुओं की भी बढ़ रही आबादी
इंडोनेशिया की संस्कृति पर आदि काल से ही सनातन धर्म का प्रभाव रहा है. यहां की करेंसी पर गणेश की तस्वीर रहती है. इसके साथ ही यहां मुस्लिम लोग सनातन संस्कृति के बहुत करीब हैं. यहां का बाली द्वीप हिंदू बहुल है. यहां पर रामलीला और अन्य हिंदू त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं. यहां मुस्लिम लोग भी स्वीकार करते हैं कि उनके पूर्वज सनातनी थे और इसपर उनको गर्व होता है. रही बात आबादी की तो पूरे इंडोनेशिया के संदर्भ में देखें तो यहां हिंदुओं की कुल आबादी बहुत ज्यादा नहीं है. 2018 की जनगणना के अनुसार इंडोनेशिया में करीब 46.5 लाख हिंदू हैं. वैसे इनकी आबादी मुस्लिम समुदाय की आबादी की तुलना में ज्यादा बढ़ रही है. ये कुल आबादी के 1.74 फीसदी हैं जबकि 2010 में इनकी हिस्सेदारी 1.69 फीसदी थी.

Tags: Islam religion

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Author: Up Head Line

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