नुक्कड़ सभाओं में हिंदू जागरण मंच ने किया लोगों सचेत
जिले की टेवा, टेनशाहआलमबाद, म्योहर गांव में आयोजित हुई बैठक
कौशांबी
आज के समय में विभिन्न धर्म के लोगों द्वारा हिंदू धर्म को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है जिले में चंगाई सभाओं में लोगों को भूत प्रेत हुआ लालच देकर ईसाई बनाया जा रहा है वही समुदाय विशेष द्वारा जिहाद के नाम पर जमीन और हमारी घर की इज्जत पर हमला किया जा रहा है ऐसे में जरूरी है कि हिंदू समाज एकजुट होकर इन साजिशों के एक से लड़े और इस को हराने का काम करें। हिंदू जागरण मंच आज गांव गांव में पहुंचकर लोगों को इन साजिशों के प्रति जागरूक कर रहा है आज आवश्यक है कि धर्म के लोग एकजुट होकर संघर्ष करें, जिससे हमारा आने वाला भविष्य उज्जवल हो सके। उक्त बातें हिंदू जागरण मंच के जिला अध्यक्ष अवधेश नारायण शुक्ल ने विभिन्न गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।
इस मौके पर लोगों से सीधी बात करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न विदेशी धर्मों द्वारा सनातन को नुकसान पहुंचाने के लिए हिंदू मान्यताओं पर लगातार चोट पहुंचाई जा रही है यही नहीं पूरे देश में विदेशों से करोड़ों करोड़ों रुपए धन सिर्फ इस बात के लिए आ रहा है कि कैसे हिंदू धर्म को बदनाम कर भारत में हिंदू धर्म को कमजोर किया जाए जिले में बड़ी संख्या में चंगाई सभा में चल रही हैं जिसे जिले का प्रशासन रोकने में नाकाम साबित हो रहा है और यह जिले की पुलिस और प्रशासन की नाकामी का सबूत है आज अब जब प्रशासन इन सभाओं को नहीं रोक पा रहा है तो समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वह खुद ही अपने लिए न्याय चित्र संघर्ष करें इस मौके पर उन्होंने लोगों का आवाहन करते हुए कहा कि आज जरूरी है कि हम अपने धार्मिक और पुराने सामाजिक संस्कारों को अपने बच्चों को दें जिससे भविष्य में वह अपने पूर्वजों के संस्कार और संस्कृति को जान सकें मंगलवार को जिले के टेवा, टेनशाहआलमबाद, म्योहर गांव में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे इस मौके पर संगठन के उपाध्यक्ष रजत पांडे, ब्लॉक संयोजक सर्वेश पटेल, शिखर मिश्रा, पंकज पटेल, आनंद कुमार, आदित्य, अवनीश प्रजापति, पंकज कुमार, मनदीप, राकेश, आशीष कुमार, राजा सिंह, सुभाष मिश्रा, बड़कू, चेतन पांडे, शिवम, चेतन दुबे, अमित, सिद्धार्थ, प्रकाश चौरसिया, अभिषेक सिंह, मुकेश प्रजापति, विमलेश कुमार, करण यादव, मोहित तिवारी, सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे








