
धीरेन्द्र शुक्ला/चित्रकूट. धर्मनगरी चित्रकूट में एक ऐसा दिव्य आश्रम और मंदिर है, जहां पर कोई भी ठाकुर जाने से हमेशा भयभीत रहता है. यहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नहीं जाते. इस आश्रम और इसके मंदिर में रात होने पर कोई ठाकुर न दीपक जला सकता है, न घर बनाकर यहां रह सकता है.
दरअसल हम बात कर रहे हैं चित्रकूट के मऊ तहसील के अंतर्गत आनेवाले गढ़वा पूरब पताई गांव के घनघोर जंगल में बसे परानु बाबा आश्रम और मंदिर की. यहां 15वीं सदी में दरी नामक पुरातन शहर हुआ करता था. जहां पर बघेल वंश के ठाकुर राजाओं का साम्राज्य हुआ करता था. तब यहां बड़ी-बड़ी आलीशान हवेलियां हुआ करती थीं. इस पुरातन शहर को ठाकुरों के शहर के नाम से भी जाना जाता था, क्योंकि यहां पर बघेल ठाकुरों की आबादी थी. इस शहर में परानु बाबा का घर था जो जाति के ब्राह्मण थे और मरी देवी माता की पूजा आराधना किया करते थे. उनको मरी देवी माता का अनन्य भक्त माना जाता था. एक चमत्कारी तलवार को लेकर परानु बाबा और ठाकुर राजा के बीच दुश्मनी हो गई. जिसके बाद ठाकुरों का सर्वनाश हो गया और दरी शहर खंडहर में तब्दील हो गया. जिसके पुरातात्विक अवशेष आज भी मौजूद हैं.
सीएम योगी भी नहीं रखते यहां कदम
आश्रम के मंहत मुरली वाले बाबा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्रकूट कई बार आ चुके हैं. वे चित्रकूट के कई मठ-मंदिरों में पहुंचे हैं. लेकिन परानु बाबा के आश्रम और मंदिर में सीएम योगी आज तक नहीं पहुंचे हैं. जबकि यह आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक चित्रकूट में माना जाता है.
ठाकुरों का हो गया था सर्वनाश
आश्रम के मंहत मुरली वाले बाबा के मुताबिक, परानु बाबा का आश्रम व मन्दिर जहां पर आज है. ठीक उसी के सामने बसे पुरातन दरी शहर के सभी ठाकुरों का सर्वनाश हो गया था. आज भी वहां महल के खंडहर देखे जा सकते हैं. ठाकुरों का सर्वनाश इसलिए हुआ कि परानु बाबा की तलवार को गुमराह करके मंगवा लिया था और दिया भी नहीं था. जिसके बाद परानु बाबा ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिया और श्राप दे दिया. जिसके बाद पूरा शहर उजड़ गया. इतना ही नहीं माता मरी माता उस गांव के अंदर प्रवेश कर गईं और गांव को पूरा खंडहर कर दिया.
किसी ठाकुर का आशियाना नहीं यहां
आश्रम के मंहत मुरली वाले बाबा के मुताबिक, ठाकुरों का सर्वनाश होने के बाद आज वर्तमान समय में भी 7 किलोमीटर की दूरी में ठाकुर समाज का कोई भी व्यक्ति आशियाना नहीं बनाया है. उसका यही कारण है श्राप परानु बाबा का दिया वह श्राप, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी भी ठाकुर समाज का आशियाना मेरे आश्रम और मंदिर से 7 किलोमीटर की दूरी में नहीं रहना चाहिए.
परानु बाबा का खौफ
आश्रम के मंहत मुरली वाले बाबा के मुताबिक, चित्रकूट जिले के आश्रम के आसपास गांव के ठाकुर समाज के लोग डर के साए में रहते हैं. उसका एक ही कारण है कि यहां परानु बाबा की चलती है. पूरे इलाके में इसीलिए कोई भी ठाकुर समाज अपना कोई कार्य शाम ढलते ही आश्रम के आसपास या उससे कुछ दूरी 7 किलोमीटर की दूरी में नहीं कर सकता है.
राजा का छल
आश्रम के मंहत मुरली वाले बाबा के मुताबिक, परानु बाबा ठाकुरों के लिए काल इसलिए बन गए कि उनके साथ ठाकुर समाज के राजा ने छल करके उनकी मां से उनकी तलवार मंगवा ली थी. जिसके बाद परानु बाबा ठाकुर समाज के राजा के पास अपनी तलवार मांगने तक गए. लेकिन उन्होंने तलवार नहीं दी. जिसकी वजह से वे अपने प्राण को न्योछावर कर दिया और श्राप देकर अपनी मौत कर ली.
.
Tags: Chitrakoot News, CM Yogi Adityanath, Dharma Aastha
FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 12:47 IST








