दाग़ देहलवी अवाम के प्रिय शायर थे. उनकी शायरी मोहब्बत की शायरी मानी जाती है.
दाग़ देहलवी के पिता शम्सुद्दीन खां ने जुल्म के लिए अंग्रेजों के खिलाफ आवाज बुलंद की. ब्रिटिश रेजिडेंट के कत्ल के आरोप में उन्हें फांसी दे दी गई.
पिता की मौत के बाद दाग़ देहलवी की मां वजीर बेगम ने दिल्ली के आखिरी मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर के पुत्र मिर्जा फखरू से निकाह कर लिया.