
सृजित अवस्थी / पीलीभीत. लखीमपुर जिले के मैलानी से लेकर पीलीभीत रेलखंड पर बीते कई सालों से ब्रॉड-गेज परिवर्तन का कार्य किया जा रहा है. तकरीबन 5 साल से इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन बंद है. हाल ही में पूर्वोत्तर रेलवे के रेल महाप्रबंधक ने इस रेलखंड का निरीक्षण किया था. उन्होंने बताया कि रेलखंड पर चल रहे काम को पूरा होने में तकरीबन 10 महीने और लग सकते हैं.
कुछ साल पहले पीलीभीत से लखनऊ तक मीटरगेज रेल कनेक्टिविटी हुआ करती थी. ट्रेनों का संचालन वाया मैलानी, सीतापुर किया जाता था. पीलीभीत-लखीमपुर के बीच हज़ारों यात्री रोज़ाना ट्रेन के ज़रिए सफर किया करते थे. लेकिन जब से ब्रॉड-गेज परिवर्तन का कार्य शुरू हुआ है. तब से ही लोग सफर करने के लिए सड़क परिवहन पर निर्भर हो गए हैं. बीते लंबे समय से इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू कराए जाने को लेकर मांग उठ रही है. हाल ही में कुछ ग्रामीणों ने एक जून से धरना प्रदर्शन की भी बात कही थी.
ट्रेन के लिए अभी और करना होगा इंतजार
पूर्वोत्तर रेलवे के रेल महाप्रबंधक सीवी रमन ने इस रेल खंड का स्थलीय निरीक्षण किया था. जिसमें उन्हें माला और शाहगढ़ में काम की रफ़्तार काफ़ी धीमी मिली. जिसको गंभीरता से लेते हुए रेल महाप्रबंधक ने रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंपने की बात कही है. उन्होंने बताया कि इस रेल खंड पर वित्तीय वर्ष 2024 के समाप्त होने से पहले सभी काम पूरे कराए जाएंगे. इस काम को पूरा होने में अभी तक़रीबन 10 महीने और लग जाएंगे. ऐसे में ट्रेन संचालन की उम्मीद लगाए लोगों को झटका लगा है.
ट्रेन सेवा शुरु ना होने से लोग सड़क पर निर्भर
लखीमपुर से पड़ोसी देश नेपाल की सीमा सटी हुई है. यहां पर स्वास्थ्य सेवाएँ बहुत अधिक बेहतर न होने के चलते लखीमपुर और नेपाल के तमाम लोग पीलीभीत बरेली का रुख़ करते है. ट्रेन का संचालन न होने के चलते इन लोगों को सड़क मार्ग पर निर्भर होना पड़ता है.
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FIRST PUBLISHED : May 29, 2023, 14:01 IST








