
ईशा बिरोरिया/ऋषिकेश. उत्तराखंड का ऋषिकेश एक पावन तीर्थ स्थल है. यहां कई सारे मंदिर व घाट हैं. हर मंदिर का अपना इतिहास, अपना महत्त्व और अपनी विशेषता है. हर साल हजारों की संख्या में भक्तगण यहां मंदिरों के दर्शन करने आते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं. हम आपको बताने जा रहे हैं ऋषिकेश में स्थापित मां भुवनेश्वरी के एकमात्र मंदिर के बारे में.
ऋषिकेश के ढालवाला पर मां भुवनेश्वरी का एकमात्र मंदिर है. न्यूज 18 के साथ हुई बातचीत के दौरान हजारी प्रसाद कपटियाल बताते हैं कि उन्होंने 1980 में इस मंदिर की स्थापना की थी. मां भुवनेश्वरी उनकी कुलदेवी हैं. सभी भक्तजनों के दर्शन के लिए उन्होंने ढालवाला पर मां भुवनेश्वरी के इस अद्भुत मंदिर की स्थापना की. वे बताते हैं कि इस मंदिर को सिद्धपीठ भी माना गया है. ऋषिकेश में मां भुवनेश्वरी का यह एकमात्र मंदिर है. वे बताते है उन्होंने यहां मां भुवनेश्वरी के कई चमत्कार देखे हैं. साथ ही यहां आनेवाले सभी भक्तगणों की मुरादें भी पूर्ण होती हैं.
यहां मां भुवनेश्वरी के साथ-साथ नीलकंठ महादेव का मंदिर भी बना हुआ है. यहां एक शिवलिंग स्थापित है. हर सोमवार के दिन यहां जल अर्पण करने के लिए भक्तों की लाइन लगी रहती है. नवरात्र में तो यहां का नज़ारा देखने लायक होता है. यहां हर दिन भजन कीर्तन का आयोजन होता आया है. साथ ही वे बताते हैं कि नवरात्र के दिन तो हर समय यहां भजन कीर्तन लगा रहता है. उन दिनों इस मंदिर को बड़ी सुंदरता से सजाया जाता है. सभी पर्यटक इस मंदिर के दर्शन जरूर करते हैं.
अगर आप ऋषिकेश घूमने आए हुए हैं तो ऋषिकेश के ढालवाला में स्थापित सिद्ध पीठ मां भुवनेश्वरी मंदिर के दर्शन करना न भूलें. आपकी जानकारी के लिए बता दें यह मंदिर प्रात 6 बजे खुल जाता है और इस मंदिर के पट शाम में 8 बजे के करीब बंद हो जाते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 29, 2023, 07:45 IST








