क्यों कहा जाता है अमावस्या, ये कितने प्रकार की होती है, जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

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हाइलाइट्स

चंद्रमा को मन का स्वामी माना गया है.
अमावस्या के दिन चंद्रमा आसमान में दिखाई नहीं पड़ता.

Affects Of Amavasya : भारतीय संस्कृति में कई प्रकार के तीज त्योहार और पर्व आते हैं. हिन्दू संस्कृति त्योहारों से समृद्ध है. हिन्दू धर्म में प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर सनातन संस्कृति में पर्वों को निर्धारित किया गया है. हिन्दू पंचांग में ऋतु और तिथि की वैज्ञानिक गणना पर पर्वों का निर्धारण होता है. पंचांग के अनुसार 1 माह में 30 दिन निर्धारित किए गए हैं. इसमें शुक्ल पक्ष में 15 दिन और कृष्ण पक्ष में 15 दिन होते हैं. शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है. हिन्दू धर्म शास्त्रों में चंद्रमा की 16 कलाओं को “अमा” कहा जाता है. मान्यताओं के अनुसार चंद्र मण्डल की “अमा” कला में 16 कलाओं की शक्ति शामिल हैं. जिसका छय और उदय नहीं होता. उसको अमावस्या कहा जाता है. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं, क्यों कहा जाता है अमावस्या और कैसे पड़ा इसका नाम.

कितने प्रकार की होती है अमावस्या

हिन्दू धर्म शास्त्रों में अमावस्या के अलग-अलग स्वरूपों का वर्णन विस्तारपूर्वक किया गया है. इसमें सोमवती अमावस्या, भौमवती अमावस्या, मौनी अमावस्या, शनी अमावस्या, हरियाली अमावस्या, दिवाली अमावस्या और सर्व पितृ अमावस्या प्रमुख मानी जाती है.

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अमावस्या के दिन चंद्रमा आसमान में दिखाई नहीं पड़ता. चंद्रमा को मन का स्वामी माना गया है. अमावस्या के अवसर पर कुछ लोगों का मन चंचल हो जाता है और साथ ही उन ऐसे लोगों की शारीरिक हलचल भी काफी बढ़ जाती है. जो व्यक्ति निराशा में डूबा हुआ नकारात्मक विचारों वाला होता है. उसके ऊपर अमावस्या का गहरा असर पड़ सकता है और कई बार ऐसे लोगों को नकारात्मक शक्ति भी अपने प्रभाव में ले लेती है.

अमावस्या का वैज्ञानिक पक्ष

पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार अमा‍वस्या के दिन नकारात्मक और दैत्य शक्तियां ज्यादा सक्रिय और उन्मुक्त रहते हैं. विज्ञान मानता है कि नकारात्मक शक्ति की रचना में 25 प्रतिशत फिजिकल एटम और 75 प्रतिशत ईथरिक एटम होता है.

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इसी प्रकार पितृ शरीर के निर्माण में 25 प्रतिशत ईथरिक एटम और 75 प्रतिशत एस्ट्रल एटम होता है. अगर ईथरिक एटम सघन हो जाए तो नकारात्मक शक्तियों का छायाचित्र लिया जा सकता है और इसी प्रकार यदि एस्ट्रल एटम सघन हो जाए तो पितरों का भी छायाचित्र लिया जा सकता है.

Tags: Dharma Aastha, Religion

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Author: Up Head Line

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