
परमजीत कुमार, देवघर. कई बार ऐसा होता है व्यापार सही से चलते-चलते अचानक शिथिल पड़ जाता है. लगातार आर्थिक नुकसान होने लगता है. ऐसे में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को व्रत रखकर माता लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा करना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा करने से निश्चित ही खोया हुआ राजयोग वापस लौटता है और व्यापार में लाभ होना शुरू हो जाता है.
बैद्यनाथधाम के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने न्यूज़18 लोकल को बताया कि अगर किसी को व्यापार में लगातार नुकसान हो रहा हो तो उन्हें ज्येष्ठ माह के पूर्णिमा के दिन निश्चित ही व्रत रख कर माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करनी चाहिए. इससे काफी लाभ होगा. इस साल ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का व्रत 4 जून को रखा जाएगा.
इस दिन 11 कौड़ियों पर हल्दी से तिलककर पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को चढ़ाएं. पूजा के बाद इन कौड़ियों को लाल वस्त्र में बांधकर तिजोरी में रख लें. इससे तिजोरी कभी खाली नहीं होगी. अगले दिन स्नान कर गरीबों को घड़ा, छतरी, चप्पल आदि दान करें. इससे व्यापार में आर्थिक लाभ होने के साथ-साथ पुण्य भी मिलेगा.
ज्योतिषाचार्य ने ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म में इसे पावन माना गया है. वहीं इस दिन गंगा स्नान और दान का भी महत्व है. ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 3 जून रात 09 बजकर 02 मिनट से हो रहा है. वहीं इसका समापन 4 जून शाम 05 बजकर 21 मिनट पर होगा. उद्यातिथि के अनुसार 4 जून को व्रत रखा जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : May 26, 2023, 09:33 IST








