1 करोड़ की फिरौती के लिए बचपन के दोस्त का अपहरण फिर मर्डर, रात के 3 बजे नदी में फेंकी लाश

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रिपोर्ट- विष्णु शर्मा

जयपुर. जयपुर के सांगानेर इलाके में 22 मई को सरस डेयरी पर कम्प्यूटर ऑपरेटर हनुमान मीणा अपहरण और हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया. वारदात में शामिल आरोपियों में दो सगे भाई बृजभान सिंह व योगेंद्र सिंह जयपुर कमिश्नरेट से रिटायर एक पुलिसकर्मी के बेटे हैं, वहीं तीसरा मास्टर माइंड दिवाकर टांक पेशे से एडवोकेट है, जो कि मृतक हनुमान मीणा का बचपन का दोस्त है. आरोपी दिवाकर टांक ने बृजभान सिंह व उसके भाई योगेंद्र सिंह ने 1 करोड़ रुपए की फिरौती वसूलने के लिए अपने ही दोस्त हनुमान मीणा का अपहरण कर हत्या की वारदात की.

गुरुवार को एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाशचंद्र बिश्नोई ने खुलासा किया. एडिशनल डीसीपी अवनीश शर्मा व एसीपी राम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई की. 22 मई को फ्लैट पर बुलाकर चाय पानी के बहाने बुलाकर बंधक बनाया, फिर हत्या की. एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाशचंद्र बिश्नोई ने बताया कि 22 मई को देर रात जगदीश मीणा ने केस दर्ज कराया कि उनका बेटा हनुमान मीणा सुबह ऑफिस के लिए निकला था, इसके बाद घर नहीं लौटा. तब पुलिस ने पड़ताल शुरु की.

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इस बीच बदमाशों ने लोकेशन बदलकर हनुमान मीणा के अर्द्धनग्न हालत में बंधक बनाकर बनाए वीडियो उसके पिता को भेजे. ये वीडियो हनुमान मीणा के मोबाइल से ही भेजे और 25 मई तक का अल्टीमेटम देकर 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी. पुलिस ने 2 दिन में केस का खुलासा कर गिरफ्तार किया. बचपन का दोस्त होने से दिवाकर का हनुमान के घर आना जाना था. एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाशचंद्र बिश्नोई ने बताया कि वारदात के मास्टर माइंड एडवोकेट दिवाकर टांक का हनुमान मीणा के घर आना जाना था. बचपन का दोस्त होने से हनुमान मीणा के घर की आर्थिक स्थिति अच्छी होने की जानकारी थी.

कुछ समय से दिवाकर पर लाखों रुपए का कर्ज था. कर्ज चुकाने के लिए दिवाकर ने अपने दोस्त बृजभान सिंह व योगेंद्र सिंह के साथ मिलकर हत्या की वारदात रची. इसके लिए सांगानेर इलाके में एक फ्लैट किराए पर लिया. हनुमान के मुंह पर मेडिकल टेप चिपकाने से दम घुटने से उसकी मौत हो गई जिसके बाद रात के 3 बजे द्रव्यवती नदी में लाश फेंकी गई. डीसीपी ज्ञानचंद यादव के मुताबिक पुलिस पड़ताल में सामने आया कि हनुमान मीणा को किराए के फ्लैट पर बंधक बनाने के बाद मुंह पर प्लास्टिक टेप चिपका दी, इससे दम घुटने से मौत हो गई.

वारदात के बाद 22 मई को रात 3 बजे तीनों आरोपियों ने बोरे में लाश को डाला. 5-5 लोहे के बाट भी डाले. फिर कार में पटककर लाश को करीब 1 किलोमीटर द्रव्यवती नदी तक ले गए. वहां लाश को फेंककर अलग-अलग हो गए. आरोपी बृजभान व देवेंद्र ने ने वारदात के बाद अजमेर रोड व अन्य जगहों से व्हाट्सऐप कॉल कर हनुमान मीणा के जिंदा होने तक बना रखे वीडियो मैसेज उसके पिता को भेजकर 1 करोड़ की फिरौती मांगी. सभी ने वीडियो मैसेज व कॉल के लिए अलग-अलग लोकेशन रखी ताकि पुलिस को गुमराह कर सकें.

Tags: Crime News, Jaipur news, Murder case, Rajasthan news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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