राज परिवार से जुड़ा है अमेठी के इस मंदिर का कनेक्शन, कई जिलों से भक्त आकर करते हैं दर्शन

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आदित्य कृष्ण/अमेठी. वैसे तो अमेठी जिले में घूमने और दर्शन पूजन करने के लिए कई प्रमुख धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थल मौजूद हैं, लेकिन उन्हीं में से एक धार्मिक स्थल है उल्टा गढ़ा धाम. यहां का इतिहास सीधे राज परिवार से जुड़ा है. प्राचीन समय में यहां पर सिर्फ जंगल था और जंगलों के बीच छोटे हनुमान मन्दिर में लोग पूजा अर्चना करने आते थे. बाद में राज परिवार ने मंदिर की स्थापना कराते हुए इस मंदिर को बड़े पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाया.

हनुमान मंदिर का इतिहास शताब्दी वर्ष पुराना है. यहां पर 55 फीट की हनुमान जी की प्रतिमा विराजमान है, जो लोगों के लिए आस्था का केंद्र है. गौरीगंज से 7 किलोमीटर दूर माफी गांव में विराजमान है. मंदिर में हनुमान प्रतिमा के साथ भगवान शंकर, माता पार्वती, गणेश लक्ष्मी के साथ शिर्डी वाले साईं भगवान की प्रतिमा भी विराजमान है. इसके साथ यहां पर छोटे-छोटे अन्य मंदिर भी स्थापित है. जिनमें लोग पूजा अर्चना करते हैं.

जंगलों के बीच बिराजमान है बजरंगबली

मंदिर के इतिहास की बात करें तो जिस स्थान पर यह मंदिर स्थापित है, वह राजा रक्तम्भ सिंह का किला था. कहा जाता है कि  एक बार अचानक इसी जंगल के बीच स्थापित किले में भूकंप आने के बाद सब कुछ धाराशाई हो गया. जिसके बाद में राज परिवार के वंशज सत्य प्रकाश चंद्रकौशिक ने इस मंदिर की स्थापना कराई. हनुमान मंदिर में हर मंगलवार को बड़ा मेला लगता है. इसके साथ ही दूरदराज से भक्त अपनी मुराद लेकर बजरंगबली के पास आते हैं.

हर मनोकामना पूरी करते हैं प्रभु

मंदिर के पुजारी धीरू महाराज ने बताया कि इस मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन है. यहां के राजा के वंशज सत्य प्रकाश कौशिक द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था और उन पर हनुमानजी की विशेष कृपा भी थी. इस मंदिर में उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, बिहार सहित अन्य स्थानों से भी भक्त दर्शन पूजन करने के लिए आते हैं. यह मन्दिर 52 बीघा से अधिक जगह में स्थापित है. अलीगंज बाजार जनपद सुल्तानपुर से आए एक भक्त ने रामप्रसाद ने बताया कि हम तीसरी बार इस मंदिर के दर्शन करने आ रहे हैं. मंदिर के दर्शन पहले भी कर चुके हैं. बहुत ही अच्छा मंदिर है. यहां बहुत ही सुकून मिलता है और हर मुरादें बजरंगबली पूरी करते हैं.

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FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 16:43 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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