Success Story : किसान का बेटा बना शिक्षक, लगातार मेहनत करने पर मिली सफलता

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कृष्ण कुमार/ नागौर.कहते है कि मेहनत करने पर सफलता मिलती है आज एक एक शख्स की मेहनत औरलक्ष्य के प्रति लगन के बारे में बताने जा रहे है.नागौर के खींवसर तहसील के लालरियानाड़ाजसवन्त नगर स्थित राजकीय विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत जगदीश कुमार के संघर्ष व शिक्षक पद के प्रति रुचि के बारे में बताने जा रहे है. इस शख्स के द्वारा कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना करना पड़ा. परन्तु इन्हें केवल अर्जुन को केवल चिड़िया की आंख दिखाई दे रही थी. वैसे ही इनका लक्ष्य शिक्षक बनना था जिसके कारण ये दिन रात मेहनत करते रहें.

जगदीश कुमार वैसे तो हनुमानगढ़ जिले के झांबर गांव के रहने वाले है लेकिन इन्होनें अपने संघर्ष की कहानी न्यूज 18 के साथ शेयर की.जगदीश कुमार की प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव में स्थित राजकीय विद्यालय में हुई है. लेकिन आगे की उच्च शिक्षा हनुमानगढ़ में हुई है. इनका एक ही सपना था कि मुझे जिदंगी में बनना केवल शिक्षक ही है इसके अलावा कुछ भी नहीं बनना. लेकिन इस दौरान घरवालों के कहने से आईटीआई में दाखिला ले लिया लेकिन बीच में छोड़कर शिक्षक की तैयारी में जुट गए.

जगदीश कुमार एक साधारण किसान परिवार से तालुक्क रखते है.इनके पिताजी एक किसान है. लेकिन जगदीश कुमार ने पढ़ाई करने के लिए व घर का खर्चा उठाने के लिए सूरतगढ़ में दो साल तक निजी विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्य किया. इसके बाद भी इन्होनें अपनी तैयारी जारी रखी.रोजना 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करते थे.

हर प्रतियोगी परीक्षा में पास लेकिन सपना शिक्षक बनने का

जगदीश कुमार ने शिक्षक बनने से पहले चार प्रतियोगिता परीक्षाओ को पास किया. जिसमें पटवारी, राजस्थान पुलिस, एग्रीकल्चर सुपरवाईजर व शिक्षक की. यह चारों परीक्षाएं पास कि लेकिन शिक्षक बनने की चाह के कारण तीनों नौकरी छोड़ दी. सन 2012 में तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर चयन हुआ.

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FIRST PUBLISHED : May 23, 2023, 17:36 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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