Aastha : उत्तराखंड का अनोखा मंदिर, भगवान विष्णु के साथ होती है मां चंडिका की पूजा, नदी में बहकर आई थी देवी की मूर्ति

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सोनिया मिश्रा/चमोली.उत्तराखंड में वैसे तो कई मंदिर हैं, जिनसे अलग-अलग मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. उन्हीं में से एक मंदिर है सिमली की चंडिका माता मंदिर, जिसका बेहद खास महत्व है. उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग से 5 किलोमीटर की दूरी पर चंडिका माता मंदिर स्थित है. वैसे तो मंदिर को मूलतः गोविंद मंदिर समूह के नाम से जाना जाता है, लेकिन जब से माता चंडिका की मूर्ति बहकर इस क्षेत्र में आई हैं, तब से इस पूरे मंदिर परिसर को मां चंडिका परिसर और मंदिर के नाम से जाना जाता है.

मंदिर के पुजारी प्रदीप गैरोला बताते हैं कि यह मंदिर मूल रूप से गोविंद मठ है और यहां भगवान विष्णु से संबंधित प्रतिमाएं हैं. भगवान विष्णु यहां चतुर्भुज रूप में शंख चक्र धारण किए हुए हैं. साथ ही मंदिर में भगवान विष्णु गरुण पर पूरब की ओर विराजमान हैं. मंदिर में बैकुंठ विष्णु मंदिर भी स्थित है, जिसमें की भगवान विष्णु के तीन अवतार- वाराह अवतार, नृसिंह अवतार और बैकुंठ स्वरूप स्थित है. साथ ही मंदिर प्रांगण में स्थित मां चंडिका की प्रतिमा भी बेहद अनूठी है. उन्होंने बताया कि देवी की यह मूर्ति 18 वीं सदी में पिंडर नदी में बहकर यहां आई थी और तब से यह स्थान मां चंडिका को दिया गया है, लेकिन मूल रूप से यह गोविंद मठ है और यहां भगवान विष्णु से संबंधित प्रतिमाएं स्थित हैं.

मनोकामना पूरी होने पर घंटी भेंट करते है भक्त
स्थानीय निवासी वरुण मिश्रा बताते हैं कि मां अंबिका के कई रूप हैं, जिसमें से एक रूप मां का चंडिका भी है, जो प्राचीन समय से यहां पर विराजित हैं और भक्त गण यहां पर दूर दूर से आते हैं. वह बताते हैं कि सच्चे मन से मांगी गई सभी मुरादें यहां पूरी होती हैं और उसके साक्षात प्रमाण मंदिर में लगी घंटियां हैं. जिन भी भक्तों की मन्नतें मां पूरा करती हैं, वे माता के पास पुनः आकार मत्था टेकते हैं और घंटी भेंट करते हैं.

कैसे पहुंचे चंडिका माता मंदिर ?
चंडिका माता मंदिर पहुंचने के लिए सड़क सुविधा पूर्णतया सुचारू है. कर्णप्रयाग से सिमली के लिए सड़क से आसानी से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है. फिलहाल अभी यहां ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं है. निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश और देहरादून है. हवाई सुविधा के लिए देहरादून से गौचर हेलीपैड तक आया जा सकता है, जहां से आगे आपको सड़क मार्ग से जाना होगा.

(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. NEWS18 LOCAL किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)

Tags: Dharma Aastha

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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