भांग की खेती को वैध करने के लिए उत्तराखंड-मध्य प्रदेश से बेहतर नीति लाएगा हिमाचल

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शिमला. भांग की खेती को वैध करने के लिए हिमाचल सरकार उत्तराखंड और मध्य प्रदेश से बेहतर नीति लाएगी. भांग की खेती को वैध करने के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित समिति ये दावा कर रही है. भांग के औद्योगिक और गैर-मादक उपयोग को लेकर समिति इन दिनों स्टडी टूअर पर है. बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गठित समिति ने दो दिनों तक उत्तराखंड में अध्ययन किया और अब दो दिनों तक मध्य प्रदेश में भांग की खेती पर स्टडी की जाएगी. साथ ही खेती के तकनीकी और कानूनी पहलूओं पर भी अध्ययन किया जाएगा. दोनों राज्यों का दौरा करने और उनकी नीतियों का अध्ययन करने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

इस समिति में सीपीएस सुंदर ठाकुर, भाजपा विधायक डॉ. हंसराज, सुरेंद्र शौरी, डॉ. जनक राज, पूर्ण चंद ठाकुर और कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया शामिल हैं.

समिति ने उत्तराखंड के डोईवाला में भांग की खेती करने वाली फर्म के खेतों में जाकर भांग की खेती की व्यवहारिकता के बारे में जानकारी हासिल की और कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के तहत की जा रही भांग की खेती का अवलोकन किया. समिति के सदस्यों ने उगाई जा रही भांग की किस्मों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की. इसके अलावा प्रति हेक्टेयर भूमि पर उत्पादन और लागत, भांग के उत्पादों का विपणन और अन्य जानकारी भी प्राप्त की. फर्म के प्रतिनिधियों ने समिति के सदस्यों को तकनीकी और कानूनी पहलुओं के बारे में भी विस्तार से अवगत करवाया. समिति ने उत्तराखंड के वन और उच्च शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल से भी भेंट कर उनसे विस्तृत चर्चा की है.

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समिति के सदस्यों ने सरकार और आम लोगों को होने वाले लाभ के बारे में भी चर्चा की. इसके लिए कानूनी प्रावधानों पर विचार विमर्श किया गया. भांग की खेती शुरू करने के लिए सरकार को होने वाली आय और किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया. मध्य प्रदेश में इसी तरह का अध्ययन किया जाएगा. समिति दो दिनों तक मध्य प्रदेश में रहेगी और 24 मई को शिमला लौटेगी. इस स्टडी टूअर में अधिवक्ता देवन, सहायक आयुक्त आबकारी डॉ. राजीव डोगरा, भांग की खेती करने वाली फर्म के प्रतिनिधि सृजन शर्मा और विक्रम मित्रा भी शामिल हैं. इस बाबत जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार प्रदेश में भांग की खेती को वैध करने की दिशा में अग्रसर है, इसके तमाम पहलुओं पर विचार किया जा रहा है. जल्द ही समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

मध्य प्रदेश में अफसरों से बैठक की

समिति ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो) के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में अफीम और भांग की खेती में विभिन्न समानाताओं पर भी चर्चा की गई. समिति ने भविष्य में प्रदेश में भांग की खेती से संबंधित नीति बनाने के लिए सहयोग का आग्रह किया. इसके उपरांत, समिति ने ग्वालियर के मालनपुर स्थित साई फाईटोस्यूटिकल्स कंपनी का दौरा किया और आयुष विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर भांग से औषधियां तैयार करने के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की.

इस अवसर पर खेती से जुड़े विभिन्न फर्मों ने समिति को अवगत करवाया की भांग की खेती से किस प्रकार विभिन्न उत्पाद और गृह निर्माण से संबंधित सामग्री तैयार की जा सकती है, दैनिक प्रयोग में आने वाली विभिन्न वस्तुओं में तैयार की जा सकती है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भांग की खेती से बनने वाले उत्पादों पर भी चर्चा की गई.

Tags: Charas Smuggler, Drugs Peddler, Himachal pradesh, Kullu Manali News

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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