G7 Summit: पीएम मोदी ने यूक्रेन युद्ध को बताया मानवता का मुद्दा, कहा- संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता

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हिरोशिमा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को जी7 शिखर सम्मेलन के एक सत्र में कहा कि वे यूक्रेन युद्ध को राजनीति या अर्थव्यवस्था का मुद्दा नहीं मानते. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में पिछले एक साल से अधिक समय से जारी जंग वास्तव में मानवता और मानवीय मूल्यों का मुद्दा है. पीएम मोदी ने एक बार फिर युक्रेन युद्ध को वार्ता के जरिए सुलझाने की वकालत की और कहा, ‘हमने शुरुआत से ही कहा है कि संवाद और कूटनीति ही समाधान का एकमात्र रास्ता है. वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि हमारा साझा उद्देश्य है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने जी7 सत्र में कहा, ‘आज के परस्पर संबद्ध विश्व में किसी भी क्षेत्र में तनाव का असर सभी देशों पर पड़ता है और विकासशील देश सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मौजूदा वैश्विक हालात में भोजन, ईंधन और उर्वरक के संकट का सबसे ज्यादा असर विकासशील देशों में महसूस किया जा रहा है.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘यह आवश्यक है कि सभी देश संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और एक-दूसरे की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें. भारत का हमेशा से यही मानना है कि किसी भी तनाव, किसी भी विवाद को बातचीत के जरिये शांतिपूर्वक ढंग से हल किया जाना चाहिए.’

उन्होंने यथास्थिति बदलने के एकतरफा प्रयासों के खिलाफ एक साथ मिलकर आवाज उठाने का आह्वान भी किया. प्रधानमंत्री की टिप्पणियां यूक्रेन में रूस के युद्ध और पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद की पृष्ठभूमि में आई हैं.

पीएम मोदी ने गौतम बुद्ध को भी याद किया और कहा कि आधुनिक युग में ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान उनकी शिक्षाओं में न मिले. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से हुई वार्ता का भी उल्लेख किया.

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने शुरुआत से ही कहा है कि संवाद और कूटनीति ही समाधान का एकमात्र रास्ता है. और इस स्थिति को हल करने के लिए हम जितना संभव हो सकेगा, उतना प्रयास करेंगे. भारत जो कर सकता है, वह करेगा.’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘वर्तमान वैश्विक स्थिति के कारण भोजन, ईंधन और उर्वरक संकट का सबसे ज्यादा असर विकासशील देश ही झेल रहे हैं.’

पीएम मोदी अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के निमंत्रण के बाद जी7 शिखर सम्मेलन के तीन सत्रों में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को हिरोशिमा पहुंचे थे. जी7 देशों में जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, इटली और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं.

Tags: G7, Narendra modi, Russia, Ukraine

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Author: Up Head Line

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