
‘GOD IS LOVE’ Book Launch: कोविड महामारी से जंग के बीच 94 वर्षीया डॉ. कृष्णा सक्सेना की पुस्तक ‘गॉड इज़ लव’ आज पाठकों के बीच आ गई है. जीवन में प्रेम की प्रकृति और आध्यात्मिक विकास की यात्रा को दर्शाती डॉ. कृष्णा सक्सेना की इस पुस्तक का विमोचन केंद्रीय नागरिक उड्डयन और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वीके सिंह ने किया है.
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर आयोजित पुस्तक विमोचन के इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. वीके सिंह ने कहा कि उन्होंने डॉ. कृष्णा सक्सेना की पुस्तक ‘गॉड इज़ लव’ को पढ़ा है. इस पुस्तक में उन तमाम छोटी-छोटी बातों का ज़िक्र किया गया है, जिन्हें आत्मसात् करने हम ज़िंदगी को बेहद आसान बना सकते हैं.
डॉ. सक्सेना की पुस्तक ‘गॉड इज लव’ प्रेम और आध्यात्मिकता का एक ऐसा वसीयतनामा है, जो पाठकों को आत्मखोज और आध्यात्मिक विकास की यात्रा की तरफ आमंत्रित कर प्रेम की प्रकृति और हमारे जीवन में इसकी परिवर्तनकारी शक्तियों को दर्शाती है. इस पुस्तक में डॉ. सक्सेना ने आध्यात्मिकता की मजबूत नींव के जरिए सभी भौतिक और भावनात्मक संबंधों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का मंत्र दिया है.
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‘गॉड इज़ लव’ में अनगिनत जीवन को प्रेरित करने और बदलने की क्षमता है. आशा हैं कि इस पुस्तक के जरिए पाठक आत्मखोज की इस यात्रा में हमारे साथ शामिल होकर ‘प्रेम’ को अपने दिल और आत्मा को गहराई से छुएंगे. उल्लेखनीय है कि डॉ. कृष्णा सक्सेना को गॉड इज़ लव लिखने का विचार तब आया, जब वह 94 साल की वयोवृद्ध अवस्था में कोविड महामारी से जूझ रही थीं. उन्होंने न केवल कोविड की बीमारी को सफलतापूर्वक हराया, बल्कि ‘गॉड इज़ लव’ के लेखन के संकल्प को भी पूरा किया.
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आपको बताते चलें कि सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. कृष्णा सक्सेना उत्तर प्रदेश की पहली महिला हैं, जिन्होंने 1955 में अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी किया था. डॉ. कृष्णा सक्सेना एक लेखिका और शिक्षिका होने के साथ-साथ एक ऐसी दार्शनिक भी हैं, जिन्हें प्रेम, आध्यात्मिकता और मानवीय संबंधों की प्रकृति में गहन अंतर्दृष्टि के लिए जाना जाता है. डॉ. कृष्णा सक्सेना ने अपनी कई पुस्तकों और निबंध संग्रहों के माध्यम से मानव मानस की गहरी समझ और जटिल भावनाओं और अनुभवों को स्पष्टता और संवेदनशीलता के साथ सफलतापूर्वक व्यक्त किया है.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 16:13 IST








