
अभिषेक माथुर/हापुड़. जिले में प्राचीन सिद्धपीठ चण्डी माता का भव्य मंदिर है. यह मंदिर पूरे जिले के भक्तों के लिए आस्था का केन्द्र है. मान्यता है कि यहां श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है. यहां मां चण्डी के अलावा नौ देवियां विराजमान हैं. जिले में पक्का बाग चौराहे पर स्थित सिद्धपीठ प्राचीन चण्डी माता के मंदिर का विशाल भवन है. मान्यता है कि यहां मां चण्डी का वह स्वरूप है, जो महिशासुर के संहार के समय था. यहां श्रद्धालु दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों और जिलों से माता रानी के दर्शन करने के लिए आते हैं.
मंदिर के पुजारी राजेश कुमार मिश्रा बताते हैं कि इस प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर की खासियत यह है कि यहां एक सुरंग है, जो पांच किलोमीटर लम्बी है. यह सुरंग बुलंदशहर रोड स्थित चितौली गांव तक जाती है. कहा जाता है कि यहां से माता विश्राम करने के लिए जाती थीं. मंदिर में माता रानी के विश्राम के लिए चांदी का पलंग है. साथ ही यह एक ऐसा मंदिर है, जहां माता रानी का स्नान किया जाता है. दिन में पांच बार माता रानी की आरती भी होती है.
माता रानी की कृपा से सीए बन गया बेटा
प्राचीन सिद्धपीठ चण्डी माता के मंदिर की मान्यता ऐसी है कि यहां जो भी श्रद्धालु आता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है. वहीं, मंदिर में आने वाली एक महिला श्रद्धालु मीनू गर्ग ने बताया कि उनका बेटा माता रानी की कृपा से सीए बन गया है. चण्डी माता के मंदिर के बाहर दुकान लगाने वाले दुकानदार बताते हैं कि यहां श्रद्धालु काफी दूर-दूर से आते हैं. दुकानदार कपिल बत्रा ने बताया कि यहां माता रानी के श्रृंगार के लिए श्रद्धालुओं की लाइन लगती है.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 10:24 IST









