
अमित सिंह, प्रयागराज. वैसे तो गंगा स्नान करने की हर तिथि विशेष होती है लेकिन ज्येष्ठ अमावस्या का आज अद्भुत संयोग सालों बाद बना है. आज के दिन स्नान करने से श्रद्धालुओं को कई गुना पुण्य की प्राप्ति होती है. आज अमावस्या होने के साथ-साथ वट सावित्री व्रत भी है.
प्रयागराज के आचार्य लक्ष्मीकांत शास्त्री ने बताया कि कई वर्षों के बाद ज्येष्ठ अमावस्या का शुभ संयोग बना है. पुण्य की प्राप्ति के लिए गंगा स्नान बेहद गुणकारी सिद्ध होता है. आज के दिन मंत्र जाप, हवन और पूजन करने से कई तरह के कष्टों से मुक्ति मिलती है. किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष, शनि दोष और कालसर्प दोष से छुटकारा पाने का यह सही समय होता है.
यह है धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन गंगा स्नान करने के बाद पूजन अर्चन से पितर प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं. अपनी शक्ति के अनुसार तिल, गेहूं , चावल दाल गुड वस्त्र सहित अन्य वस्तुएं हमें दान करना चाहिए. पीपल के पेड़ में दूध जल गंगाजल जने अर्पित कर पूजन करने से घर में सुख और शांति की प्राप्ति होती है. आसपास किसी शनि मंदिर और पीपल पेड़ के नीचे सरसों का तेल का दीपक जरूर लाभकारी होता है.









