
हाइलाइट्स
प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए RTO से लाइसेंस लेना होगा.
प्रदूषण जांच केंद्र की हर राज्य में अगल-अलग फीस है.
पीले रंग की केबिन प्रदूषण जांच केंद्र की पहचान.
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने साल 2020 में नया मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) लागू किया था. नए नियमों के बाद जिस दस्तावेज की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस हुई वो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) है. पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न होने पर सबसे अधिक 10 हजार रुपये तक का जुर्माना है. पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने में सिर्फ 20 से लेकर 200 रुपये तक खर्च होते हैं. ऐसे में आप प्रदूषण जांच केंद्र (Pollution Testing Centre) खोलकर रोजाना बंपर कमाई कर सकते हैं. इसे शुरू करने के लिए आपको महज 10 हजार रुपये का निवेश करना पड़ेगा.
प्रदूषण जांच केंद्र की शुरूआत करने के लिए आपको रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) में लाइसेंस के लिए अप्लाई करना होगा. इसके बाद आपको लोकल ऑथोरिटी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी बनवाना पड़ेगा. प्रदूषण जांच केंद्र की हर राज्य में अगल-अलग फीस है. दिल्ली–एनसीआर में आवेदन शुल्क सिक्यूरिटी मनी के रूप में 5,000 रुपये और लाइसेंस शुल्क के तौर पर 5,000 रुपये निर्धारित है. नियमों के मुताबिक, प्रदूषण जांच केंद्र को इसे पीले रंग के केबिन में खोलना पड़ेगा. पीले रंग की केबिन प्रदूषण जांच केंद्र की पहचान मानी जाती है. इसके अलावा केंद्र पर लाइसेंस नंबर लिखना अनिवार्य है.
हर दिन हो सकती है 2000 रुपये कमाई
जुर्माने की राशि से बचने के लिए हर वाहन चालक PUC लेने के लिए प्रदूषण जांच केंद्र पर पहुंचते हैं. ऐसे में अगर आप प्रदूषण जांच केंद्र खोलते हैं तो रोजाना बंपर कमाई कर सकते हैं. इसके जरिए आप हर रोज करीब 2 हजार रुपये तक कमा सकते हैं यानी करीब 60 हजार रुपये महीना. डिमांड बढ़ने से कमाई में और बढ़ोतरी हो सकती है.
.
Tags: Business ideas, Business news, Business news in hindi, Earn money, Easy ways to earn money, Money Making Tips, New Business Idea
FIRST PUBLISHED : May 18, 2023, 20:19 IST








