वजन घटाने में कारगर है एक्यूपंक्चर की तकनीक, लेकिन कैसे?

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मोटापे घटाने के लिए दुनिया भर में तरह तरह के उपाय बताए जाते हैं. इनमें एलोपैथी से लेकर आयुर्वेद कई तरह की चिकित्सा पद्धतियों में अलग-अलग उपाय हैं. वहीं उपायों में खुराक, कसरत, दवाओं से लेकर सर्जरी तक के उपाय भी सुझाए जाते हैं. आयरलैंड के डबलिन में यूरोपीय कॉन्ग्रेस ऑन ओबोसिटी के नए शोध की माने तो अब वजन कम करना कान को छू लेने जैसा हो सकता है. अध्ययन में सुझाया गया है कि नियंत्रित खुराक के साथ धातु की पतली सुइयों, जिन्हें मनके कहा जाता है, के जरिए कान पर एक्यूपंक्चर का उपयोग शरीर के वजन के साथ ही बीएमआई और शारीरिक फैट घटाने में बहुत कारगर हो सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

जापान के टोक्यो की क्लीनिक एफ के डॉ ताकिहारो फूजिमोटो के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है. अध्ययन में पाया गया है कि एक्यूपंक्चर विशेषज्ञों के द्वारा उपयोग में लाई ने वाली परंपरागत इंट्राडर्मल सुइयों की जगह इस वैकल्पिक पद्धति में धातु की पतली सुइयों का उपयोग होता है. इन छोटी सुइयों को बाहरी कान के छह खास बिंदुओं पर लगाया जाता है जिससे तंत्रिकाएं और अंगों को उत्तेजित कर उनकी भूख को नियंत्रित करने मदद मिलती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) डॉ फुजीमोटो का कहना है कि इस प्रकार के एक्यूपंक्चर को किसी तरह की बहुत जटिल ज्ञान या कुशलता की जरूरत नहीं होती है. जापान में तो यह पद्धति 30 साल से भी ज्यादा समय से वजन कम करने के लिए उपयोग में लाई जा रही है. एक्यूपंक्चर चीन की परंपरागत चिकित्सा पद्धति है जिसके अनुसार हमारी सेहत हमारे शरीर में ऊर्जा के मुक्त प्रवाह पर निर्भर करती है जिसे क्वी कहा जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) इस प्रवाह के दिखाई ना देने वाले रास्ते होते हैं जिन्हें मैरीडियन कहा जाता है जो हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत पर असर डालते हैं. इन रास्तों में बाधा सेहत संबंधी समस्या पैदा करती है.कानों में भी इस तरह के ऊर्जा प्रवाह होते हैं जो पूरे शरीर को प्रदर्शित करते हैं. ऑरिक्यूलर एक्यूपंक्चर थैरेपी में इसी सिद्धांत का उपयोग होता है. इसें बहुत पतली सुइयों को मरीडियन रेखाओं की कुछ जगहों पर लगाया जाता है, जिससे,ब्लॉकेज या व्यवधान खत्म होते हैं और क्वी का प्रवाह फिर से बहाल हो जाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) पाया गया है कि इसी पद्धति का उपयोग नशा छुड़वाने या वजन कम करने में भी किया जाता है. यह अब भी एक रहस्य ही है कि ये पद्धति कैसे काम करती है. अध्ययन सुझाता है कि कान का एक्यूपंक्चर शरीर के एंडोक्राइन तंत्र को नियंत्रित करने, मेटाबॉलिजम को सही करने, पाचन को बढाने और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मददगार होता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock) अध्ययन में 21 से 78 साल तक की उम्र के 81 जापानी पुरुषों का कान के एक्यूपंक्चर से उपचार किया गया. इसमे मकसद पेट की चर्बी को कम करना था जिस पर ध्यान केंद्रित किया गया.समान दवाब के लिए सुइयों को सर्जिकल टेप के साथ चिपकाया गया और हर दो हफ्तों बाद उन्हें बदला भी गया. इस दौरान प्रतिभागियों को खुराक पर नियंत्रण और उनके वजन पर निगरानी रखनी थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons)

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Author: Up Head Line

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