
नई दिल्ली. गुरुवार को देश के नए केंद्रीय कानून मंत्री बनने वाले अर्जुन राम मेघवाल (Law Minister Arjun Ram Meghwal) ने न्यायपालिका के साथ किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) की अनबन पर जवाब दिया. उन्होंने NDTV से बातचीत में इस बात से इऩकार किया कि रिजिजू का अचानक तबादला न्यायपालिका के साथ उनकी हाल की अनबन की वजह से हुआ है. अर्जुन राम मेघवाल ने साथ ही प्रधानमंत्री को उन पर विश्वास करने के लिए धन्यवाद भी दिया. संसदीय मामलों के प्रभारी राज्य मंत्री और अब कानून मंत्रालय को देखने वाले मेघवाल ने इस बात से भी इनकार किया कि उनकी नियुक्ति उनके गृह राज्य राजस्थान में इस साल के अंत में होने वाले चुनाव से जुड़ी थी.
मेघवाल ने साफ किया कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध हैं, और यह सौहार्दपूर्ण और संवैधानिक रहेगा. सीमाएं पहले से ही तय हैं. वहीं रिजिजू, जिन्हें सरकार के सबसे हाई-प्रोफाइल मंत्रियों और एक संकटमोचन के रूप में जाना जाता है, उन्हें कानून मंत्रालय में पदोन्नत किए जाने के एक साल से भी कम समय के बाद अपेक्षाकृत कम-महत्वपूर्ण पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में भेज दिया गया है. यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब सरकार और सुप्रीम कोर्ट अक्सर न्यायाधीशों की नियुक्तियों पर एक मत नहीं रहे हैं.
बता दें कि रिजिजू का छोटा कार्यकाल सरकार और न्यायपालिका के बीच लगातार चलने वाले विवादों और न्यायाधीशों द्वारा न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली पर उच्चतम न्यायालय की उनकी खुली आलोचना के कारण विवादास्पद था. रिजिजू अरुणाचल प्रदेश से तीसरी बार लोकसभा सांसद चुने गए हैं, कानून मंत्री बनने से पहले वह खेल मंत्रालय देख रहे थे.








