
पटना. बागेश्वर धाम के बाबा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 13 से 17 मई के बीच पांच दिनों की बिहार यात्रा पर थे. इस दौरान उनके समर्थकों का जो हुजूम उमड़ा उसने बिहार कि सियासी दलों की धड़कनें बढ़ा दीं हैं. एक ओर बाबा के हिंदू राष्ट्र के बयान ने बीजेपी को उत्साहित कर दिया है तो दूसरी तरफ महागठबंधन में शामिल दलों के नेता बाबा पर निशाना साध रहे हैं. महागठबंधन के नेता साथ ही इस बात का आकलन भी कर रहे हैं कि बाबा की हिंदू राष्ट्र की मांग के बाद और लाखों भक्तों के आने से कहीं 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को फायदा और महागठबंधन को झटका ना लग जाए.
इस बात में कितना दम है यह भाजपा नेताओं के उत्साह भाजपा नेताओं और महागठबंधन के नेताओं के बयानों से समझा जा सकता है. बाबा के इस दौरे से जहां बीजेपी के नेता समर्थन में खुलकर खड़े रहे, वहीं महागठबंधन के नेताओं को थोड़ा झटका तो लगा है, यह उनकी बातो से झलकने लगा है. आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने जो बातें अपने सोशल मीडिया में लिखी हैं उससे बड़ा संकेत मिलता है कि बाबा की यात्रा और उनके आह्वान को हल्के में नहीं लिया जा सकता है. शिवानंद तिवारी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा पर कहते हैं कि जाहे विधि राखे राम तहि विधि रहिए.
बाबा बागेश्वर से डर गए राजद के बाबा!
शिवानंद तिवारी कहते हैं, बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने यह कहा है कि बिहार के दस-बारह करोड़ में से अगर पांच करोड़ लोग ही अपने-अपने घर के बाहर धर्म का ध्वज फहराएं और माथे पर तिलक लगा लें, तो हमारा रामराज्य का उद्देश्य पूरा हो जाएगा. बाबा के कहने पर हनुमंत कथा में मौजूद लाखों लोगों ने एक साथ हाथ उठा दिया. शिवानंद तिवारी ने कहा कि बाबा के दरबार में लाखों लोगों ने हाथ उठाकर कहा कि अब वे भी अपने माथे पर तिलक लगाया करेंगे. इसके अलावा अपने अपने घरों पर भगवा ध्वज भी फहराएंगे.
आपके शहर से (पटना)
शिवानंद तिवारी आगे कहते हैं, कल्पना कीजिए, पांच करोड़ नहीं तो पचास लाख या एक करोड़ लोगों ने भी अपने माथे पर तिलक लगाना और घरों पर भगवा ध्वज फहराना शुरू कर दिया तो बिहार कैसा दिखाई देने लगेगा. साफ है कि बीजेपी ने बाबा के भरोसे अपनी चुनावी तैयारी शुरू कर दी है.
बाबा के इफेक्ट पर जदयू के इस स्टैंड को क्या कहेंगे?
दूसरी तरफ जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजेंद्र यादव बाबा के हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर कहते हैं, भारत पहले भी हिंदू राष्ट्र था तो मुगल और अंग्रेज कैसे आ गए? राम कृष्ण शिव सहित 36 करोड़ देवी देवता हैं तो देश गुलाम कैसे हो गया? आज तक भारत का इतिहास जितना गुलामी का रहा है, किसी मुल्क का नहीं रहा है. विजेंद्र यादव कहते हैं, धर्म और जाति अपनी-अपनी आस्था की चीज है, राजनीति को इससे कोई लेना देना नहीं है. धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं भारत में रहना है तो सीता राम कहना होगा. इस पर कहते हैं राधा कृष्ण नहीं कहना है, शंकर पार्वती नहीं कहना है, जो इस तरह का बयान देते हैं वो सही नहीं हैं. पांच करोड़ लोगों के माथे पर टीका चंदन लगा कर घर से निकलने पर विजेंद्र यादव कहते हैं, ये तो अपनी आस्था की बात है किसी पर कोई कुछ थोप तो नहीं सकता है.
भाजपा नेताओं के चेहरों पर क्यों लौट रही मुस्कान?
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी कहते हैं, जो लोग भी बाबा का विरोध कर रहे हैं उसे बिहार और देश की जनता देख रही है. समय आने पर इसका जवाब देगी. बाबा अगर हिंदुत्व की बात कहते हैं तो क्या गलत बोलते हैं. दरअसल विरोधी बाबा की यात्रा से घबरा गए हैं इसलिए इस तरह का बयान दे रहे हैं.
बाबा के साइड इफेक्ट पर क्या कहते हैं जानकार?
बाबा बागेश्वर के बिहार दौरे से सियासी साइड इफेक्ट पर बिहार के वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय कहते हैं, बागेश्वर धाम के बाबा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा ने बिहार में हलचल तो तेज कर ही दी है. जिस तरह से बाबा की सभा में भीड़ उमड़ी उससे साफ है बाबा के भक्तों की संख्या आने वाले समय में बढ़ेगी ही और हिंदुत्व की बात भी आगे बढ़ेगी, जो बीजेपी को शूट करती है. ऐसे में इसका फायदा बीजेपी 2024 में उठाना चाहेगी.
भाजपा खुश, दिख रहा महागठबंधन का असमंजस!
रवि उपाध्याय आगे कहते हैं, महागठबंधन के नेता जितना इसका विरोध करेंगे उनके लिए समस्या बढ़ेगी और ध्रुवीकरण की संभावना भी बढ़ेगी. इसी वजह से बीजेपी इस मुद्दे को गर्म रखना चाहेगी. बहरहाल, आने वाले समय में बाबा की बिहार यात्रा और भी होने वाली है. वे गया और मुजफ्फरपुर में अपना दरबार लगा सकते हैं, ऐसे में देखाना दिलचस्प रहेगा कि उसके बाद बिहार में कैसा माहौल रहता है?
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FIRST PUBLISHED : May 18, 2023, 15:10 IST








